वर्षा से खेत जलमग्न , मेड़बन्दी शुरू
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जौनपुर। जमकर हुई तीसरे दिन वर्षा से जहां खेत खलिहानजलमग्न हो गये वहीं तापमान गिरने से लोगों ने राहत की सांस ली और गर्मी तथा उमस से मुक्ति मिल गयी। वर्षा से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया और जगह जगह हुए जलजमाव ने सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दिया। सड़कों और गलियों में आना जाना दुश्वार साबित हो गया। कीचड़ और गन्दगी ने शहर की सुन्दरता को बदरंग कर दिया। गरीबों के घर टपकने लगे और दुश्वारियां पैदा हो गयी है। धान की बेहन डाल दिया है जिसे फायदा पहुंचा है। किसानों ने मेड़बन्दी और खेतों को दुरूस्त करना शुरू कर दिया है। मंगलवार की रात से शुरू हुई हल्की वर्षा रूक रूक कर होती रही और इसके बाद मूसलाधार वर्षा का रूख अख्तियार कर लिया जो पूर्वान्ह तक जारी रहा। बिजली कटौती ने मुसीबत पैदा की। उधर बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में चकरोड और पगडण्डियों पर कीचड़ और पानी लगने से आवागमन प्रभावित हो गया। जानवर बाहर नहीं निकाले जा सके। किसानों में वर्षा से प्रसन्नता देखी जा रही है वे मक्का, उरद, धान की तैयारियों में मशगूल हो गये है। बारिश का मौसम गरीबों के लिए दुःखदायी होता है उनके आशियाने कमजोर और जर्जर होते है। वर्षा का अधिकतर पानी घर में ही गिरता है। मंहगाई के कारण गरीबों को अपने परिवार का खर्च चलाने में ही सारी ताकत लगा देनी पड़ती है। छत और दीवारों को दुरूस्त कराना उनके बस की बात नहीं है। यह दीगर बात है कि पोलिथीन की चादरे मड़हे और टूटी छतों को दुरूस्त करने में इस्तेमाल कर वे अपना गुजारा करते है।

