विकास के नाम पर प्रकृति से किया जा रहा छेड़ छाड़ : डॉ प्रभाकर
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जौनपुर।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अाई बी एम भवन के कांफ्रेंस
हॉल में शनिवार को युवा एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समर्थित
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों के सात दिवसीय प्रशिक्षण
कार्यक्रम के 6 वें दिन अागरा ट्रेनिंग संस्थान के सहायक प्रशिक्षक समन्वयक
डॉ प्रभाकर सिंह ने कहा कि अाज विकास के नाम पर प्रकृति से छेड़ छाड़ हो रही
है यह मानव के लिए कहीं से शुभ नहीं है. प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के
लिए हम सबको अागे अाना होगा।उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों से कहा कि
छात्रों से पौधरोपण कराने के बाद के उसके बचाव के लिए प्रयास होने चाहिए।
प्रबंध
संकाय के डॉ मानस पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से
महाविद्यालय की छवि सामजिक रूप से समृद्ध की जा सकती है. जो भी कार्य करें
उसका रिकॉर्ड अवश्य रखें क्यों कि नैक के समय इसका महत्व होता है. उन्होंने
नैक के विभिन्न अायामों पर प्रकाश डाला।
जनसंचार
विभाग के प्राध्यापक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने विश्वविद्यालय द्वारा
संचालित योजना एक छात्र एक पेड़ एवं बापू बाजार को सफल रूप से संचालित करने
के लिए उसके प्रबंध पर अपनी बात रखी. इसके साथ ही समय - समय पर् अायोजित
होने वाले कार्यक्रमों के रिपोर्ट लेखन के तरीकों पर भी प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय
सेवा योजना के समन्वयक डॉ हसीन खान ने कहा कि यह कार्यशाला राष्ट्रीय
सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों के व्यक्तित्व विकास में बड़ी भूमिका
अदा करेगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ अवधेश कुमार ने किया।इस अवसर पर डॉ अजय
विक्रम सिंह, डॉ शाहिदा परवीन,डॉ घनश्याम दुबे, डॉ सिद्धार्थ शंकर सिंह, डॉ
विजय प्रकाश समेत प्रतिभागी मौजूद रहे.
