पत्रारिता के पुरोधा को दी श्रद्धांजलि
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जौनपुर। पत्रकारिता के पुरोधा स्व0 धनुर्धारी सिंह की चतुर्थ पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन ओलन्दगंज में किया गया। इस अवसर पत्रकारों ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन पर्यन्त उन्होने आदर्शो और सिद्धान्तों का पालन करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए संघर्ष करते रहे। विषम परिस्थियों में कभी भी उन्होने समझौता नहीें किया। कई पत्र व पत्रिकाओं मंे अपनी लेखनी के माध्यम से गौरव प्राप्त किया। आजमगढ़ जनपद के अहारौला क्षेत्र के भद्रपुर गांव में जन्मे धनुर्धारी सिंह शुरूआती दौर में जीविकोपार्जन के लिए शिक्षक पेशे से जुड़े और शिक्षक पद का निर्वाह करते हुए ग्रामीण अंचल की पत्रकारिता के माध्यम से समस्याओं ओर कुरीतियों को दूर करने का हर संभव प्रयास किया। 1971 में आजमगढ़ शहर में पत्रकारिता शुरू की। वे ईश्वर चन्द सिन्हा को अपना आदर्श मानते थे। रिपोर्टिग के लिए वे बलिया तक साइकिल से जाते थे। पांच जुलाई 2012 को इलाहाबाद के नर्सिग होम में उन्होने अन्तिम सांस ली। इसके साथ ही पत्रकारिता जगत के एक युग का अन्त हो गया। इस अवसर पर सरदार जोगेन्द्र सिंह, छोटे लाल राजपूत, नखड़ू विश्वकर्मा, मंगला प्रसाद तिवारी, जय प्रकाश मिश्र, अरविन्द पटेल, शशि राज सिन्हा ने उनके आत्मा की शान्ति के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की।

