बाल विवाह रोकने के लिए समाज को आगे आना होगा
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जौनपुर । बाल विवाह रोकने के लिए परिवार, समुदाय, समाज, पंचायतें एवं सरकार सभी को समन्वित रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है तभी हम अपने बच्चों को इस दुश्चक्र से बचाकर उन्हें एक योग्य नागरिक बना सकते है। उक्त विचार बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने व्यक्त किए। पुलिस अधीक्षक सभागार में आयोजित बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम एवं विविध प्राविधानों पर आयोजित जिलास्तरीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों से सम्बन्धित विभिन्न कानून एवं योजनाएॅ होने के बावजूद समाज में बच्चों के प्रति शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं यौन शोशण की घटनाएॅ कम नहीं हो रही है। इन्हें रोकने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। विशिश्ट अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी सह बाल विवाह प्रतिशेध अधिकारी अनिल कुमार सोनकर ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक समस्या है जिसे सिर्फ कानून से हल नहीं किया सकता है। इसके लिए समाज के शैक्षिक और आर्थिक विकास के लिए सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित विशेष किशोर पुलिस इकाई के समस्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने थाना क्षेत्रों में बाल विवाह की घटनाओं पर शान्ति समितियों के माध्यम से निगाह रखें और ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाए। अधिवक्ता दिनेश मिश्रा ने कहा कि गरीबी और अशिक्षा बाल विवाह के मुख्य कारण है, जिनके निवारण के लिए सरकार की विभिन्न योजनाएॅ मौजूद है, जरूरत है उन्हें आम आदमी तक पहुॅचाने की। इस कार्य में सरकार के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। बाल संरक्षण अधिकारी चन्दन राय ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत गठित बाल कल्याण समिति का कार्य मुख्य रूप से संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को देखभाल व संरक्षण प्रदान करना है। अतः बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के समक्ष यदि बाल विवाह के प्रकरण आते है तो वे उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। कार्यशाला का उद्देश्य सभी विभाग के प्रतिनिधियों को बाल विवाह उन्होंने बाल विवाह के लिए सामाजिक परिस्थितियों एवं कानून के प्रति जागरूकता की कमी व क्रियान्वयक एजेन्सियों की उदासीनता को उत्तरदायी ठहराया और इसके लिए समन्वित रूप से अभियान छेड़ने की अपील की। समिति जौनपुर के सदस्य चन्द्रभूशण सिंह, श्रीमती कुमुदिनी श्रीवास्तव, डीसीपीयू के परामर्शदाता अवनीश मणि त्रिपाठी सहित समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी तथा मीडियाजन मौजूद थे। संचालन राजीव कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन साधना श्रीवास्तव ने किया।

