बी एल ओ की कारस्तानी से नगर पंचायत खेतासराय की जनता परेशान
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जौनपुर। देश के किसी भी नागरिक का वोट देना उसका मूल अधिकार होता है लेकिन उन मूल अधिकारों से देश की एक बहुत बड़ी आबादी वंचित हो जाती है उसका मुख्य कारण नामों मे संशोधन करने वाले कर्मचारियों की लापरवाही एक मुख्य कारण है ,
ऐसा ही मामला जौनपुर जिले के खेतासराय नगर पंचायत मे सामने आया जब वोटर संशोधन मे लगे कर्मचारी घरो तक ना जाकर किसी एक जगह बैठ कर नामों मे संशोधन करके खाना पूर्ति कर दे रहे है। जिससे नगर की जनता परेशान है।
इस मामले मे जब नुमाइंदे मे नगर के कई वार्डो मे जाकर देखा तो हकीक़त सामने आयी वार्ड 9 कोहरौटी समीउल्लाह ,सोनू ,अंसार ने बताया की इस वार्ड मे नाम संशोधन करने वाला कोई नहीँ आया और जो कर्मचारी है वो एक जगह बैठ कर नामों मे संशोधन करके चले जाते है जिस कारण ना तो वोटर लिस्ट मे नया नाम बढ़ता है और ना ही गलत नाम सही होते है ,वार्ड 10 के सफीउल्ला कुरैशी ,निक्सन चौधरी ने बताया की बहुत से नाम बढ़ाने है हम लोग रोज कर्मचारियों का इन्तेज़ार कर रहे है लेकिन कोई नहीँ आया जिसके कारण नाम छूट जाते है ,वार्ड 4 सालारगँज के अलाउद्दीन ने बताया कि हामारे वार्ड मे कोई नहीँ आता दर्जनों लोग वोट नहीँ दे पाते ,वार्ड 2 डोभी के मों अफजल जो पहली बार वोट देने के काबिल हुए है लेकिन उनकी सबसे बड़ी दिक्कत वोट बढ़ाने वाले कर्मचारी वार्ड मे नाम बढ़ाने नहीँ आ रहे है जिससे उनका नाम वोटर लिस्ट मे कैसे आये !
पूरे नगर मे हर पाँच सालो मे ये खेल होता है उसमे सबसे अधिक नौजवान और उन युवकों का नाम वोटर लिस्ट मे नहीँ आता जिसके कारण वोट देने से सैकड़ो नागरिक वंचित हो जाते है ,चुनाव आयोग और अधिकारी कितना भी दावा करे लेकिन वोट बढ़ाने वाले कर्मचारी अपनी मन मानी और धन उगाही से कितनों का नाम काट देते है और नागरिकों के मूल अधिकार से वंचित करते है !
इसका जवाब किसी के पास नहीँ है देश के लोकतंत्र मे वोटों का ऐसा खेल नगर पंचायत खेतासराय मे ही नहीँ बल्कि और भी जगहो पर होता है लेकिन अधिकारी और चुनाव आयोग ऐसे कर्मचारियों पर लगाम नहीँ लगा पाने के कारण उनके हौंसले बुलंद है ,
इस मामले मे जब एस डी एम शाह्गँज से बात की गयी उन्होने कहा की इस मामले मे मै खुद पूछूंगा और इसकी जाँच कराऊंगा !

