विधायक जफराबाद झूठ बोल रहे है ? या सरकारी दस्तावेज में कोई खोट है
https://www.shirazehind.com/2016/07/blog-post_548.html
जौनपुर। यूपी सरकार का कार्यकाल पूरा होने में कुछ माह ही शेष बचे है। ऐसे स्थिति
में विधायको ने चुनाव के दरम्यान जो वादे जनता से किया था उसे पूरा किया या
नही इसकी जमीनी हालात को जानने के लिए जफराबाद विधानसभा का
रूख किया। इस क्षेत्र के विधायक है समाजवादी पार्टी के सचिन्द्रनाथ
त्रिपाठी। सचिन्द्रनाथ ने इस सीट पर कब्जा तीन बार के लगातार विधायक रहे व
बसपा सरकार कैबिनेट मंत्री रहे जगदीश राय को हराकर किया था। सचिन्द्रनाथ ने
चुनाव के समय पूरे इलाके की तस्वीर और तकदीर बदलने का वादा करके जनता से
मांगा था। जनता ने उन पर भरोषा करके अपना मत देकर विधायक चुन लिया।
सरकारी
दस्तवेज के अनुसार अब तक उन्हे 6 करोड़ 75 लाख रूपये विधायक निधि के रूप
में प्राप्त हुआ है। उसमें से पांच करोड़ 43 लाख रूपये सड़क बनाने में खर्च
किया। 88 लाख 46 हजार रूपये स्कूलो में दिया। हैण्ड पम्प लगाने के लिए 16
लाख रूपये और 11 लाख 71 हजार रूपये बिजली पर व्यय किया है।
विधायक सचिन्द्रनाथ त्रिपाठी ने दावा कि मेरे द्वारा जनता से किये गये सभी वादे पूरा कर दिया गया है। पूरे क्षेत्र में विकास की गंगा बहा दिया है। सड़क पानी बिजली दवाई पढ़ाई का बेहतर इंतजाम कर दिया है। हर तरफ खुशहाली आ गयी है।
सरकारी आकड़े के अनुसार विधायक ने विद्यालयों को 88 लाख 46 हजार रूपये खर्च किया है। लेकिन वे अपनी बाईट में स्कूलो पर एक पैसा नही देना कबूल कर रहे। स्कूलो में पैसा न देने के पिछे उनका तर्क है कि स्कूलो में पैसा देने से आरोप लगता है। इस लिए मैंने किसी भी विद्यालय को पैसा नही दिया । अब विधायक जी झूठ बोल रहे है या सरकारी दस्तावेज में कोई खोट है।
विधायक सचिन्द्रनाथ त्रिपाठी ने सड़क बनाने अपने निधि का 90 फीसदी पैसा बहाया। लेकिन आप खुद अपनी आंखो से देख लिजिए त्रिपाठी जी के इलाके की सड़को का हाल सड़क टूट चुकी है कही कही तो बारिश कारण सड़को की ऐसी हालत हो गयी जैसे धान की रोपाई करने के तैयार किया गया है। जनता का काफी बुरा हाल है। लोग इसी किचड़ युक्त सड़को से आने जाने के लिए विबश है। पानी बिजली सड़क सबकी हालत खस्ता है। जनता अब उन्हे अलविदा करने के तैयार बैठी है।
सचिन्द्रनाथ त्रिपाठी की शैक्षिक योग्यता एमएससी , एलएलबी है।
उन्होने अपनी राजनीत की शुरूआत छात्रसंघ चुनाव से किया था। वे सन् 1972 में टीडी पीजी कालेज जौनपुर के छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गये थे। उसके बाद वे बसरसठी ब्लाक के आठ वर्ष तक प्रमुख रहे। सचिन्द्रनाथ त्रिपाठी 1985 और 1993 में कांग्रेस पार्टी से बरसठी विधानसभा से चुनाव लड़ा दोनो चुनाव में उन्हे करारी शिकस्त मिली। सन् 2002 विधानसभा चुनाव में उन्होने सपा का दामन थाम लिया। इस बार वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और सफलता हासिल किया। 2007 विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने फिर अपना प्रत्याशी बनाया लेकिन इस बार जनता ने उन्हे नाकार दिया। 2012 के चुनाव में सचिन्द्रनाथ को सपा ने जफराबाद विधानसभा से मैदान में उतारा।सचिन्द्रनाथ ने इस सीट पर लगातार तीन बार से विधायक रहे बसपा के दिग्गज नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री को हराकर दूसरी बार विधायक बने।
विधायक सचिन्द्रनाथ त्रिपाठी ने दावा कि मेरे द्वारा जनता से किये गये सभी वादे पूरा कर दिया गया है। पूरे क्षेत्र में विकास की गंगा बहा दिया है। सड़क पानी बिजली दवाई पढ़ाई का बेहतर इंतजाम कर दिया है। हर तरफ खुशहाली आ गयी है।
सरकारी आकड़े के अनुसार विधायक ने विद्यालयों को 88 लाख 46 हजार रूपये खर्च किया है। लेकिन वे अपनी बाईट में स्कूलो पर एक पैसा नही देना कबूल कर रहे। स्कूलो में पैसा न देने के पिछे उनका तर्क है कि स्कूलो में पैसा देने से आरोप लगता है। इस लिए मैंने किसी भी विद्यालय को पैसा नही दिया । अब विधायक जी झूठ बोल रहे है या सरकारी दस्तावेज में कोई खोट है।
विधायक सचिन्द्रनाथ त्रिपाठी ने सड़क बनाने अपने निधि का 90 फीसदी पैसा बहाया। लेकिन आप खुद अपनी आंखो से देख लिजिए त्रिपाठी जी के इलाके की सड़को का हाल सड़क टूट चुकी है कही कही तो बारिश कारण सड़को की ऐसी हालत हो गयी जैसे धान की रोपाई करने के तैयार किया गया है। जनता का काफी बुरा हाल है। लोग इसी किचड़ युक्त सड़को से आने जाने के लिए विबश है। पानी बिजली सड़क सबकी हालत खस्ता है। जनता अब उन्हे अलविदा करने के तैयार बैठी है।
सचिन्द्रनाथ त्रिपाठी की शैक्षिक योग्यता एमएससी , एलएलबी है।
उन्होने अपनी राजनीत की शुरूआत छात्रसंघ चुनाव से किया था। वे सन् 1972 में टीडी पीजी कालेज जौनपुर के छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गये थे। उसके बाद वे बसरसठी ब्लाक के आठ वर्ष तक प्रमुख रहे। सचिन्द्रनाथ त्रिपाठी 1985 और 1993 में कांग्रेस पार्टी से बरसठी विधानसभा से चुनाव लड़ा दोनो चुनाव में उन्हे करारी शिकस्त मिली। सन् 2002 विधानसभा चुनाव में उन्होने सपा का दामन थाम लिया। इस बार वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और सफलता हासिल किया। 2007 विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने फिर अपना प्रत्याशी बनाया लेकिन इस बार जनता ने उन्हे नाकार दिया। 2012 के चुनाव में सचिन्द्रनाथ को सपा ने जफराबाद विधानसभा से मैदान में उतारा।सचिन्द्रनाथ ने इस सीट पर लगातार तीन बार से विधायक रहे बसपा के दिग्गज नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री को हराकर दूसरी बार विधायक बने।



