लेखपालों ने किया आर पार का ऐलान
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की जिला इकाई द्वारा अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर चैथे दिन धरना जारी रहा। बड़ी संख्या में धरने में जुटे लेखपालों ने हुंकार भरी और आर पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए 29 अगस्त तक अगर शासनादेश जारी नहीं होता तो वे 30 अगस्त को विधान सभा लखनऊ का घेराव करने पर विवश होगें। सभा को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष लाल चन्द श्रीवास्तव ने कहा कि मागांे के बारे में राजस्व परिषद द्वारा परीक्षण और संस्तुति के बाद लेखपाल संवर्ग की एसीपी विसंगति दूर करने को प्रमुख सचिव को आख्या भेजी जा चुकी है। सहमति के उपरान्त वित्त एवं कार्मिक विभाग में अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजी जा चुकी है। लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया गया। उन्होने मांग किया कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति को दूर किया जाय। लेखपाल संवर्ग का पद नाम राजस्व उपनिरीक्षक एवं शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतन मान दिया जाय। कहा कि जनपदीय स्तर पर हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाय। इसके साथ ही पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक एवं राजस्व निरीक्षक कार्यालय के 626 पदो का सृजन किया जाय। एवं राजस्व निरीक्षक प्रोन्नति एवं नायब तहसीलदार प्रोन्नति हेतु राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियमावली में संशोधन किया जाय। यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे 30 अगस्त को विधान सभा का घेराव करने पर विवश होगें। सभा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष लालचन्द पाण्डेय, कनिष्ट उपाध्यक्ष जयचन्द, राजनरायन पुष्कर, अरविन्द कुमार पाण्डेय, रमाशंकर मिश्र आदि ने सम्बोधित किया।

