भीषण गर्मी में जाम, बना जी का जंजाल
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जौनपुर। नगर में जाम का दंश झेलने के लिए भीषण गर्मी में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। हर प्रमुख मार्ग पर आवागमन बाधित होने से जरूरी कार्य प्रभावित हो रहा है लेकिन इसके जिम्मेदार अधिकारी के कानों में जूं नहीं रेक रहा है। शुक्रवार को शहर के ओलन्दगंज, कचहरी रोड, टीडी कालेज रोड, चहारसू और कोतवाली तथा बाई पास रोड पर कई बार जाम लगा। खराब सड़के पटरियों पर खड़ी मोटर साइकिलें, यातायात व्यवस्था में लगाये गये सिपाहियों की लापरवाही से लोगों को जाम से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। गर्मी में वाहन चालक और पैदल चालक पसीने से तराबोर हो जा रहे हैं। कभी आधा घण्टा तो कभी 15 मिनट लोगों को झेलना पड़ रहा है। शहर में बड़े वाहनों की नो इण्ट्री है लेकिन वे प्रवेश कर रहे है। स्कूली वाहन भी जाम बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे है। ज्ञात हो कि किसी भी शहर की सभ्यता की पहचान उसकी यातायात व्यवस्था पर निर्भर करती है। बाहर से आने वाला कोई भी व्यक्ति यदि किसी शहर में पहुंचता है तो सबसे पहले उसकी मुलाकात नगर की यातायात व परिवहन व्यवस्था से ही होती है। संचालन व्यवस्थित है तो शहर की तारीफ और वाहनों की ठेलमठेल रही तो यातायात की स्याह तस्वीर नजर आती है। इसलिए ट्रैफिक और रोड का सिविक सेंस कहता है कि जब भी सड़क पर हों तो हमेशा कहिए पहले आप। लेकिन सवाल यह है कि यह सोच आयेगी कहां से। खास कर शहर में यहां यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिस, यातायात सिपाही और होगगार्ड की फौज है। मगर सुरक्षित यातायात को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जनता में जागरूकता का अभाव है। यातायात पुलिस का निर्देश है कि एक बाइक पर दो से अधिक लोग न चले। लेकिन ऐसा नही हो रहा है। तीन चार लोग शहर में ही एक बाइक पर चलते देखे जा रह है। यदि जनता जाग जाय तो हादसे कम होगे और यातायात व्यवस्था भी सुधर सकती है। 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों को वाहन न चलाने का निर्देश है लेकिन इसका पालन नहीं कराया जा रहा है। आगे निकलने की होड़ में युवक पास देने की व्यवस्था भूलते जा रहे है।

