किसानों के उर्वरक वितरण में घोटाला
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जौनपुर। जिले के ऊसर भूमि सुधान निमग द्वारा रवि फसलों के लिए चयनित किसानों के खाद वितरण में लाखों का घोटाला कर धन हजम करने का मामला प्रकाश में आया है। भूमि सुधार निगम द्वारा वर्ष 2015-16 रवी फसल के बेहतर प्रदर्शन हेतु विकास खण्ड के कुछ गांवों को चयनित किया गया जिनमें प्रत्येक गांव में चार किसानों को खाद एवं बीज दिया जाना था। बीज ब्लाकों के माध्यम से तो उर्वरक ऊसर भूमि सुधार निगम द्वारा किया जाना था लेकिन बीते जनवरी माह में ब्लाकों से बीज का वितरण चयनित किसानों को किया गया लेकिन उर्वरक हजम कर लिया गया। प्रत्येक गांव में चार किसानों को 10 हजार रूपये का उर्वरक विभाग ने बन्दर बांट कर लिया। मछली शहर विकास खण्ड के अमारा, तिलोरा, रजवापुर, बामी ऊंचडीह आदि गांव के चार किसानों का चयन किया गया था लेकिन उन्हे कई बार दौड़ाने के बाद उर्वरक नहीं मिला। अमारा गांव के राम विलास पुत्र लालता प्रसाद, राजेन्द्र प्रसाद पुत्र हीरा लाल, ओमप्रकाश पुत्र हरिवंश, हरिवंश चैहान पुत्र लालता प्रसाद ने बताया कि उन्हे विभाग की ओर से 52 किलो डाई, 52 किला यूरिया, 20 किलो पोटास दिया जाना था लेकिन कई बार बुलाकर उन्हे उर्वरक नहीं दिया गया। परियोजना के सहायक प्रबन्धक द्वारा बाद उन्हे बताया गया अब उर्ररक नहीं मिलेगी जबकि उर्वरक सूची से खारिज नहीं किया गया है। इसी प्रकार ब्लाकों के अनेक गांवों में चयनित किसानों का उर्वरक विभाग ने कालाबाजारी कर दिया और अब किसान जिला प्रशासन को अवगत कराते हुए मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

