फसलों के नुकसान होने पर मिलेगा मुआवजा : रमेश चंद्र यादव
https://www.shirazehind.com/2016/08/blog-post_434.html
जौनपुर। इस खरीफ से ही केन्द्र सरकार की प्रधान मन्त्री फसल वीमा योजना की
शुरुआत हुई थी जिसके तहत जिले के कई किसानों ने पंजीकरण कराया था। उनके
मन मे होगा कि अब कैसे क्षति पूर्ति का मुआवजा मिलेगा।
कृषि विभाग के तकनीकी सहायक एवं फसल वीमा योजना के प्रभारी रमेश चंद्र यादव ने बताया है कि वीमित कृषकों को फसलों के नुकसान होने पर उन्हें मुआवजा मिलेगा। इसके लिए आपदाओं से हुए नुकसान का दावा 48 घण्टे के अन्दर बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं0 18001030061 को करना या उप कृषि निदेशक कृषि के कार्यालय मे सूचित करने पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा बनाई गयी कमेटी प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण कर आँखो से दिख रहे नुकसान और ग्राम पंचायत के पहले से मौजूद फसल बुआई के आकड़ो के आधार पर यह तय करेगी कि फसलों को कितना प्रतिशत नुकसान हुआ है।
यदि ग्राम पंचायत स्तर पर नुकसान 25 % से ज्यादा 50 % से कम हुआ है तो वीमा कम्पनी पंचायत के हर वीमित किसानों को 25 % मुआवजा देने की प्रक्रिया तुरन्त शुरू करेगी।
अगर नुकसान 100 % है तो कमेटी किसान द्वारा अब तक लगाए गए पैसे का आकलन करके उतना पैसा वीमित किसान को मुआवजे के तौर पर दिया जायेगा।
कई बार ऐसा देखा गया कि जब पानी एक बार खेत से निकल जाता है तो फसल की उत्पादकता बढ़ भी जाती है ऐसे मे फसल तैयार होने पर क्राप कटिंग सर्वे के आधार पर किसानों को शेष राशि भी मुआवजे के तौर पर दे दी जाएगी ।
कृषि विभाग के तकनीकी सहायक एवं फसल वीमा योजना के प्रभारी रमेश चंद्र यादव ने बताया है कि वीमित कृषकों को फसलों के नुकसान होने पर उन्हें मुआवजा मिलेगा। इसके लिए आपदाओं से हुए नुकसान का दावा 48 घण्टे के अन्दर बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं0 18001030061 को करना या उप कृषि निदेशक कृषि के कार्यालय मे सूचित करने पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा बनाई गयी कमेटी प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण कर आँखो से दिख रहे नुकसान और ग्राम पंचायत के पहले से मौजूद फसल बुआई के आकड़ो के आधार पर यह तय करेगी कि फसलों को कितना प्रतिशत नुकसान हुआ है।
यदि ग्राम पंचायत स्तर पर नुकसान 25 % से ज्यादा 50 % से कम हुआ है तो वीमा कम्पनी पंचायत के हर वीमित किसानों को 25 % मुआवजा देने की प्रक्रिया तुरन्त शुरू करेगी।
अगर नुकसान 100 % है तो कमेटी किसान द्वारा अब तक लगाए गए पैसे का आकलन करके उतना पैसा वीमित किसान को मुआवजे के तौर पर दिया जायेगा।
कई बार ऐसा देखा गया कि जब पानी एक बार खेत से निकल जाता है तो फसल की उत्पादकता बढ़ भी जाती है ऐसे मे फसल तैयार होने पर क्राप कटिंग सर्वे के आधार पर किसानों को शेष राशि भी मुआवजे के तौर पर दे दी जाएगी ।

