स्कूलों में दूध पिलाने की योजना फ्लाप
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जौनपुर। जिले में दूध पिलाने की योजना को ग्रहण लग गया है और जिम्मेदार लोगों ने अपने हाथ खड़े कर दिये है। काफी दबाव के बाद भी दूध नहीं पिलाया जा रहा है। बताते है कि कम कनवर्जन कास्ट में स्कूल के बच्चों का दूध पिलाना संभव नहीं है। विद्यालयों में दूध के साथ ही मिड-डे-मील वितरण की जिम्मेदारी के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा है। दूध ही नहीं नये मेन्यू के अनुसार अभी तक बच्चों को खाना भी नहीं मिल पा रहा है। अब शिक्षकों के पास ही दूध पिलाने की जिम्मेदारी भी आ रही है। चन्द प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को छोड़कर दूध पिलाने की योजना फ्लाफ रही। अब अधिकारियों के सख्त निर्देश के बाद दूध के चक्कर में अध्यापक परेशान हो रहे है। ज्ञात हो प्रतयके बुधवार को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नौनिहालों के शारीरिक और बौधिक विकास के लिए दूध देने की योजना शुरू की गयी है ताकि उनका पूर्ण विकास हो सके लेकिन इस योजना को अमलीजामा पहनाना इतना आसान नहीं है। अधिकारियों के आदेश के बाद भी जिले के अधिकतर विद्यालयों मंे दूध नहीं पिलाया जा रहा है। क्योकि कनवर्जन कास्ट प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए प्रति छात्र तीन रूपये 59 पैसे है जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रति छात्र 3 रूपये 38 पैसे है। ऐसे में इस योजना में कई रूकावटे आना शुरू हो गयी है। नये मेन्यू के अनुसार सोमवार को रोटी सब्जी जिसमें सोयाबीन अथवा दाल की बड़ी जरूरी है जबकि मंगलवार को चावल सब्जीयुक्त दाल अथवा चावल संाभर, बुधवार को सुबह बे्रकफास्ट में 200 एमएल दूध और कोफ्ता चावल, गुरूवार को रोटी सब्जीयुक्त दाल, शुक्रवार को तहरी जिसमें सोयाबीन की बड़ी का प्रयोग तथा शनिवार को चावल सोयाबीनयुक्त सब्जी दिया जाना चाहिए।

