राज्यकर्मचारियों के हड़ताल के चलते खचाखच भर गया कलेक्ट्रेट
https://www.shirazehind.com/2016/09/blog-post_32.html
जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर आज राज्यकर्मचारियों के हड़ताल के चलते खचाखच भर गया था। राज्य कर्मियों के संगठनो के आवाहन पर हजारो कर्मचारियों ने प्रदेश और केन्द्र सरकार जमकर अपनी भड़ास निकाली।
सरकार की जन विरोधी व मजदूर कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ अपने 15 सूत्रीय मॉगों के समर्थन में जनपद के बैंक, बीमा, पोस्ट आफिस, भारत संचार निगम, रोडवेज, बिजली सहित राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, दवा प्रतिनिधि, यूपीएमएसआरए व राज्य कर्मचारी महासंघ ऑगनबाडी संगठन के सदस्यों ने अपने-अपने कामों से विरत रहकर कलेक्ट्रेट में आम धरने में भाग लेकर सरकार की नीतियों की जमकर भर्त्सना की। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिसद के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने सभा में न्यूनतम वेतन 18000 करने, मंहगाई पर रोक लगाने, श्रम कानूनों के साथ खिलवाड़ न हो, पूरानी पेन्शन बहाल हो, 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करते हुए न्यूनतम व अधिकतम में 1ः8 का अनुपात है। संविदा कर्मी, दैनिककर्मी को नियमित करने व आंगनबाडी, आशा, मिड-डे-मिल, शिक्षामित्रों, ग्राम सेवकों, दैनिकभोगी को राज्यकर्मी करके न्यूनतम वेतन देने की बात कही। वक्ताओं ने केन्द्र व राज्य सरकार को आगाह किया कि यदि सरकार समय रहते उचित कदम नही उठाती है तो खामियाजा भुगतना पडेगा।
सरकार की जन विरोधी व मजदूर कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ अपने 15 सूत्रीय मॉगों के समर्थन में जनपद के बैंक, बीमा, पोस्ट आफिस, भारत संचार निगम, रोडवेज, बिजली सहित राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, दवा प्रतिनिधि, यूपीएमएसआरए व राज्य कर्मचारी महासंघ ऑगनबाडी संगठन के सदस्यों ने अपने-अपने कामों से विरत रहकर कलेक्ट्रेट में आम धरने में भाग लेकर सरकार की नीतियों की जमकर भर्त्सना की। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिसद के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने सभा में न्यूनतम वेतन 18000 करने, मंहगाई पर रोक लगाने, श्रम कानूनों के साथ खिलवाड़ न हो, पूरानी पेन्शन बहाल हो, 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करते हुए न्यूनतम व अधिकतम में 1ः8 का अनुपात है। संविदा कर्मी, दैनिककर्मी को नियमित करने व आंगनबाडी, आशा, मिड-डे-मिल, शिक्षामित्रों, ग्राम सेवकों, दैनिकभोगी को राज्यकर्मी करके न्यूनतम वेतन देने की बात कही। वक्ताओं ने केन्द्र व राज्य सरकार को आगाह किया कि यदि सरकार समय रहते उचित कदम नही उठाती है तो खामियाजा भुगतना पडेगा।
