कॉमन सिविल कोर्ट का विरोध करता रहेगा शिया पर्सनल लॉ बोर्ड : मौलाना यासुब
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जौनपुर। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष एवं धर्मगुरु मौलाना यासुब अब्बास ने कहा कि कॉमन सिविल कोर्ट के मुद्दे पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ खड़े होने की बात की तो वहीं ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर उन्होंने साफ कह दिया कि ये इस्लाम के खिलाफ है ऐसे में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड इसका विरोध करता है और जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में इसके विरोध में एक याचिका भी दायर की जाएगी। उन्होंने कहा कि तलाक के लिए दो आदमी की गवाही की जरुरत होती है ऐसे में कोई भी आदमी किसी भी वक्त अपने बीवी को मात्र तीन बार तलाक-तलाक कह देने से उसे अपनी जिंदगी से अलग नहीं कर सकता। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने पहले ही इसका मसौदा तैयार कर वरिष्ठ धर्मगुरु डा. कल्बे सादिक व वरिष्ठ अधिवक्ता जफर याब जिलानी को सौंप दिया है और तलाक का हक लड़की के पास होना चाहिए। शरियत व कानून के दायरे के अंदर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस्लाम ने सभी को बराबर का हक दिया है और हजरत मोहम्मद मुस्तफा के बाद इस्लाम में जो तब्दिलियां की गयी है उसी का खामियाजा आज मुसलमान भुगत रहा है। इस्लाम को बेवजह पूरी दुनिया में बदनाम किया जा रहा है। इस्लाम ने हमेशा मानवता की रक्षा किया है। वे बुधवार की रात शाही किले के पास डा. सामिन हुसैन रिजवी के यहां एक मजलिस को खेताब करने पहुंचे थे। मजलिस के बाद उन्होंने कहा कि कॉमन सिविल कोर्ट का मुद्दा इस देश का सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। सरकार ने जिस तरह से हमारी शरियत के मामले में दखलंदाजी करने का मन बना लिया है वह ठीक नहीं है और हम इसे किसी भी कीमत पर लागू होने नहीं देंगे क्योंकि पूरे देश के उलेमाएं कराम एक है।
भारत पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्ते पर उन्होंने कहा कि इसके लिए पाकिस्तान की फौज व हुकुमत जिम्मेदार है। हमारे देश के प्रधानमंत्री ने हमेशा दोस्ती का हाथ बढ़ाया पर पाकिस्तान ने हमेशा पीठ में छूरा घोंपा है। कश्मीर हमारा देश का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। पाकिस्तानी कलाकारों में भारत में काम न करने को उन्होंने गलत ठहराते हुए कहा कि इन्हें बेवजह राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। खेल और कलाकारों को इस राजनीति से दूर रखना चाहिए और इन्हें वीजा दिया जाना चाहिए।
पानी बंद करने की भारत की धमकी का उन्होंने विरोध करते हुए कहा कि किसी भी मुल्क को दूसरे मुल्क में पानी बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मानवता के खिलाफ है। कर्बला में हजरत इमाम हुसैन के परिवारवालों पर यजीदी हुकुमत ने यह जुल्म ढाया था और आज उसका कोई नामो निशान बचा नहीं है। ऐसे में उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों के नेताओं को चाहिए को वे आपसी बातचीत के जरिए अमन का रास्ता अपनाये लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है उससे पाकिस्तान पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है जो बिल्कुल सही है। इस मौके पर सम्पादक डा. सामिन हुसैन रिजवी, अजादारी कौसिंल के उपाध्यक्ष इसरार हुसैन एडवोकेट, सै. परवेज हसन, फैसल हसन तबरेज, शाहिद मेंहदी, हसन जाहिद खान बाबू, डा. इंतजार मेंहदी, रिजवान हैदर राजा, तौकीर हसन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

