इमाम हुसैन ने शहादत पेश करके इंसानियत को बचाया

जौनपुर। ताड़तला रोड स्थित अजाखाने में तहजीबुल हसनैन उर्फ शकील के द्वारा चार मोहर्रम की कदीमी मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस की सोजख्वानी जनाब नजफ साहब व उनके साथियों ने की। तदुपरांत जौनपुर अजादारी काउंसिल के अध्यक्ष हाजी सै. मोहम्मद हसन ने मजलिस को खेताब फरमाते हुए कहा कि इमाम हुसैन के बचपन के दोस्त हबीब इब्ने मजाहिर की शहादत से चौथी मोहर्रम मंसूब है। चौथी मोहर्रम को ही शिम्र नामक जालिम 30 हजार सैनिकों को लेकर कर्बला में पहुंचा उसने इमाम हुसैन के साथियों एवं कुनबे पर जुल्म ढाना शुरू कर दिया व 10 मोहर्रम को तीन दिन के भूखे प्यासे व उनके 71 साथियों को बड़ी बेरहमी से यजीदी फौज ने कत्ल कर दिया। इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में अपनी शहादत पेश करके इंसानियत को बचा लिया क्योंकि यजीद सारी इंसानियत का ही दुश्मन था। तदुपरांत अंजुमन जुल्फेकारिया ने नौहा व मातम किया। मजलिस में मुख्य रूप से सै. वसीइउल हसन मुफ्ती एडवोकेट, जौनपुर अजादारी काउन्सिल के संगठन मंत्री सै. जाफर अब्बास उर्फ जफ्फू मो. मुस्लिम हीरा, तहसीन अब्बास सोनी, शौकत हुसैन, नासिर रजा गुड्डू, सैफ, अकील, बदीउज्जमा, शेख हसीन अहमद, अजहर अब्बास, फहीम हैदर, आमिर रजा, इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

Related

news 3099710743092665578

एक टिप्पणी भेजें

emo-but-icon

AD

जौनपुर का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

आज की खबरे

साप्ताहिक

सुझाव

संचालक,राजेश श्रीवास्तव ,रिपोर्टर एनडी टीवी जौनपुर,9415255371

जौनपुर के ऐतिहासिक स्थल

item