पांच दिवसीय सतत् पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम शुभारम्भ
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जौनपुर। परामर्श सहायता प्रदान करने की एक प्रक्रिया है जिसके अन्तर्गत एक व्यक्ति दूसरे की समस्याओं को समझकर उसके समाधान एवं समायोजन में सहायता प्रदान करता है। उक्त विचार सोमवार को रचना विशेष विद्यालय में भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा आयोजित ‘सतत् पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम’ के 5 दिवसीय प्रशिक्षण के शुभारम्भ अवसर पर सम्बोधित करते हुये बतौर मुख्य अतिथि ज्यूमिनल जस्टिस बोर्ड की जज डा. विमला सिंह ने व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा कि परामर्श कौशल विशेष बच्चों के आवश्यकतानुसार उनके माता-पिता को दिया जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये मंजू पासवान जिला समन्वयक समेकित शिक्षा ने कहा कि परामर्श एक प्रक्रिया है जिसमें साक्षात्कार के माध्यम से व्यक्ति को उसकी समस्याओं के समाधान में सहायता की जाती है। माता, पिता व शिक्षक की सहभागिता भी परामर्श कौशल के लिये होना चाहिये जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का शिक्षण-प्रशिक्षण ले सके। इसके पहले कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। तत्पश्चात् विद्यालय प्रशासन द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण करके स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन नसीम अख्तर ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता डा. संतोष सिंह, सचिन यादव, ब्रजराज सिंह, अरविन्द मौजूद रहे।

