स्वयंसेवी संगठनों द्वारा घाटों पर दिखी समुचित व्यवस्था
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जौनपुर। बिहार की धरती से उत्पन्न डाला छठ का महापर्व अब पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में फैल गया है जिसके चलते अब नदियों सहित अन्य जलाशयों पर पूजनार्थियों की भीड़ हर वर्ष बढ़ती जा रही है। जनपद के गोमती नदी के सभी घाट इस पर्व पर पट जा रहे हैं। यहां की सारी व्यवस्था क्षेत्रीय लोगों सहित स्वयंसेवी संगठनों द्वारा की जा रही है। श्री संकट मोचन संगठन द्वारा जहां गोपी घाट को गोद लिया गया है, वहीं श्री गणेश पूजनोत्सव समिति द्वारा विसर्जन घाट की जिम्मेदारी ली गयी है। इसके अलावा अन्य संगठनों द्वारा सभी घाटों पर अपनी व्यवस्था की जा रही है। सामर्थ्य के अनुसार संगठनों व क्षेत्रीय लोगों द्वारा पूजनार्थियों के लिये व्यवस्था की जा रही है लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था शून्य दिखायी दे रही है। लोगों की मानें तो नगर पालिका द्वारा केवल नदी के किनारों को जेसीबी से समतल किया गया जबकि मेले की भव्यता को देखते हुये जिला व पुलिस प्रशासन सहित नगर पालिका द्वारा अच्छी व ठोस व्यवस्था दी जानी चाहिये लेकिन कहीं नहीं देखा गया। इसको लेकर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। देखा गया कि हनुमान घाट सहित अन्य घाटों पर गंदगी व्याप्त रही जहां उठने वाले बदबू से लोगों को काफी परेशानी हुई। इतना ही नहीं, कहीं-कहीं तो कीचड़ के चलते लोग गिरकर जख्मी भी हो गये। पूजनार्थियों जिला एवं नगर पालिका प्रशासन को कोसते नजर आये।

