हर्ष फायरिंग में घायल अधेड़ की हुई मौत
https://www.shirazehind.com/2016/11/blog-post_198.html
23 नवम्बर को नजदीकी रिस्तेदार ने की थी हर्ष फायरिंग
मछलीशहर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के चौकीखुर्द गाव निवासी अधेड़ की इलाहाबाद जनपद में शादी समारोह के दौरान नजदीकी रिस्तेदार द्वारा की गयी हर्ष फायरिंग में घायल अधेड़ की वाराणसी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत होने की खबर मिलते ही पूरे गाव में मातम छा गया।बताते है कि उक्त गाव निवासी कृपा शंकर पाण्डेय ने अपने बेटे शादी के लिए बड़े ही हर्ष एंव उल्लास से बरात लेकर इलाहाबाद जनपद के सरायममरेज थाना क्षेत्र के चौका गाव गए थे उन्हें क्या पता था कि उनके जीवन के अंतिम बरात है।जहा पर सभी लोग बड़े उमंग के साथ डीजे पर थिरकते हुए द्वार पर पहुचने के बाद द्वारचार की रश्म अदायगी के बाद जयमाल के समय उनके ही एक नजदीकी रिस्तेदार द्वारा हर्ष फायरिंग की गयी जो कि दुर्भाग्य से लड़के के पिता को ही लग गयी।गोली लगते ही पूरे बराती एंव घराती में पल भर में ही ख़ुशी गम में बदलते हुए मायूसी छा गयी।आनन फानन में लोग वाराणसी के निजी अस्पताल में ले गए जहा पर उपचार के दौरान मौत हो गयी।मौत की सुचना मिलते ही पूरे गाव में मातम छा गया।परिजनो के दहाड़ कर विलाप करने से हर पत्थर दिल भी पिघल जा रहा था।
मछलीशहर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के चौकीखुर्द गाव निवासी अधेड़ की इलाहाबाद जनपद में शादी समारोह के दौरान नजदीकी रिस्तेदार द्वारा की गयी हर्ष फायरिंग में घायल अधेड़ की वाराणसी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत होने की खबर मिलते ही पूरे गाव में मातम छा गया।बताते है कि उक्त गाव निवासी कृपा शंकर पाण्डेय ने अपने बेटे शादी के लिए बड़े ही हर्ष एंव उल्लास से बरात लेकर इलाहाबाद जनपद के सरायममरेज थाना क्षेत्र के चौका गाव गए थे उन्हें क्या पता था कि उनके जीवन के अंतिम बरात है।जहा पर सभी लोग बड़े उमंग के साथ डीजे पर थिरकते हुए द्वार पर पहुचने के बाद द्वारचार की रश्म अदायगी के बाद जयमाल के समय उनके ही एक नजदीकी रिस्तेदार द्वारा हर्ष फायरिंग की गयी जो कि दुर्भाग्य से लड़के के पिता को ही लग गयी।गोली लगते ही पूरे बराती एंव घराती में पल भर में ही ख़ुशी गम में बदलते हुए मायूसी छा गयी।आनन फानन में लोग वाराणसी के निजी अस्पताल में ले गए जहा पर उपचार के दौरान मौत हो गयी।मौत की सुचना मिलते ही पूरे गाव में मातम छा गया।परिजनो के दहाड़ कर विलाप करने से हर पत्थर दिल भी पिघल जा रहा था।

