मजदूरों के सामने भी आर्थिक संकट
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जौनपुर। बड़े नोट बन्द होने से जहां आम आदमी के समक्ष कठिनाइयां पैदा हो गयी है वहीं मजदूरों की भी हालत बिगड़ने लगी है। सतहरिया औद्योगिक क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट पर माल लादने उतारने का काम करने वाले पल्लेदार रामलाल, हरिशंकर, मिठाई लाल ने बताया कि मालिकों के द्वारा उन्हें रुपये की किल्लत बताते हुए नहीं पैसा नही दिया जा रहा है। वे लोग राशन व सब्जी आदि दुकान से उधार लेकर किसी तरह दिन काट रहे हैं। कुछ इसी तरह ही मंडी समिति के पल्लेदारों की जिदगी कट रही है। पल्लेदार रामनरेश, कड़ेदीन, श्याम बिहारी आदि ने बताया कि ठेकेदारों के द्वारा बड़ी नोट बंद होना कारण बताते हुए उन्हें दिहाड़ी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। राशन व सब्जी आदि रोजमर्रा की खरीदारी के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। दुकानदार भी उधार देने के लिए ना-नुकुर कर रहे हैं जिससे उनके सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। वहीं ठेकेदार आशु त्रिपाठी व पवन गुप्ता ने बताया कि मजदूर 500 व 1000 रुपये की नोट लेने से मना कर रहे है। जिससे काम बंद चल रहा है। रुपयों का लेनदेन पूरी तरह से सामान्य होने के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य चालू कराया जाएगा।
