अलम नौचन्दी के जुलूस में श्रद्धालु उमड़े
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जौनपुर। शिराजे हिन्द का प्रसिद्ध नौचन्दी व जुलूस-ए-अमारी अलमदार हुसैन रिज्वी की अध्यक्षता में इमामबाड़ा स्व0 मीरबहादुर अली दालान पुरानी बाजार पर गुरूवार को संपन्न हुआ। जुलूस निकलने के पूर्व अलम को इमाम बाड़े में सजाया गया और लोगों ने मन्नते मांगी। जुलूस का आगाज सोजखानी से हुआ। इसके बाद शिया धर्म गुरू सैयद फिरोज हुसैन लखनऊ ने मजलिस को सम्बोधित करते हुए कहा कि हजरत अब्बास को इमाम हुसैन ने जंग की इजाजत नहीं दिया। उनको नहरे फोरात से पानी लाने को कहा। उनके नहरे फोरात पर पहुंचते ही फौज मेंअफरातफरी मच गयी। हजरत अब्बास ने मश्क में पानी भरा लेकिन प्यासे होने के बाद खु पानी नहीं पिया। इसके बाद अलम जुलजुनाह निकाला गया जिसमें विभिन्न जाति व सम्प्रदाय के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मोहमम हसन द्वारा जुलूस निकाले जाने के कारणाों पर प्रकाश डाला गया। जुलूस के साथ अंजुमने नौहां मातम करती हुई चल रही थी । जुलूस इमामबाड़ा पहुंचा तो एक तकरीर हुई जिसे डा0 कमर अब्बास ने सम्बोधित किया तथा एक ताबूत सकीना निकाला गया। जिसे अलम मुबारक से मिलाया गया। जुलूस के मुख्य संस्थापक स्व0 जुल्फेकार हुसैन रिज्वी को श्रद्धांजलि दी गयी। जुलूस के सदर इमामबाड़े पहुंचने पर एक तकरीर हुई जिसे मौलाना रजी विस्वानी ने सम्बोधित किया और अमारियां रौजे में बारी बारी से दाखिल हुई। संचालन खादिम अब्बास रिज्वी ने किया।

