कथा सुनने से ही पापो से मिलती है मुक्ति
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मछलीशहर। भगवान रामचन्द्र के कथा का सुनना व् श्रवण करने से मनुष्य के सभी संताप दूर हो जाता है इस लिए भक्तो को जहा भगवान् के कथा को सुनने का मौक़ा मिले उसे नही छोड़ना चाहिए।क्योकि भगवान् के कथा के श्रवण करने से मनुष्य के सभी दुःख दूर होने के साथ साथ मन को भी शान्ति मिलती है।उक्त बाते काशी से आई बाल व्यास आराधना ने मुगराबादशाहपुर चौराहे के पास हनुमान मन्दिर पर राम कथा के 9वे दिन भक्तो को कथा का रसपान कराते हुए कही।उन्होंने भगवान राम का राज्याभिषेक के पहले का कोपभवन का जिक्र करते हुए भक्तो को भक्ति की गंगा में खूब गोता लगवाया।उन्होंने कथा के माध्यम से क्षेत्र में भक्ति की गंगा बहाते हुए कहा कि राजा दशरथ द्वारा भगवान राम के राज्याभिषेक की घोषणा करते ही पुरे अयोध्या में ख़ुशी छा गयी।उन्होंने कहा कि कोपभवन में माता कैकेई के जाने की खबर पाकर राजा दशरथ जब कोप भवन में आने का कारण पूछा तो का माता कैकेई ने दासी मन्थरा के कहने पर ही राजा दशरथ से पूर्व में दिए गए दो बर को याद दिलाते हुए वर मागने के पहले भगवान राम की शपथ लेने की बात कहने और राजा दशरथ द्वारा वर को पूरा करने के लिए राम की शपथ लेने की मार्मिक कथा का घण्टो वर्णन करते हुए क्षेत्र में भक्ति की गंगा बहाती रही।राम कथा के दौरान बाल व्यास श्रीकांत ने भी आगे की कथा का इस प्रकार सुनाया की देर रात तक भक्त अपने स्थान पर कथा सुनने के लिए टस से मस नही हुए।इस दौरान कथा के आयोजक राकेश कुमार सहित हजारो लोग मौजूद रहे।

