पुलिस लाइन में योग का समापन
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जौनपुर। वैश्विक स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाती जा रही अपनी प्राचीनतम विद्या योग के नियमित और निरन्तर अभ्यास के द्वारा एक साधक न केवल अपनें भीतर शक्ति और सामथ्र्य को समाहित कर सकता है बल्कि अपनें भीतर के जन्मजात दुर्गुणों को भी समाप्त कर सकता है। उक्त बातें पतंजलि योग समिति और भारत स्वाभिमान के तत्वावधान में पुलिस लाइन के मैदान में प्रशिक्षु सिपाहियों के व्यक्तित्व विकास के लिए चलाये गये तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर आर आई कृपाशंकर सिंह नें कही।योग के क्रियात्मक और सैद्धांतिक अभ्यासों को प्रान्तीय सह प्रभारी अचल हरीमूर्ति,प्रशिक्षक डा ध्रुवराज योगी व शिव पूजन योगी के द्वारा कराया गया।क्रियात्मक अभ्यासों के क्रम में प्रशिक्षुओं को डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल,बीपी व पाचनतंत्र जैसी सम्बंधित समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न प्रकार के आसन,प्राणायाम व व्यायामों का अभ्यास कराया गया।क्रियात्मक अभ्यासों के क्रम में योगिग-जागिंग, सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, मकरासन, मर्कटासन, धनुरासनों सहित भस्त्रिका,कपालभाति, अनुलोम-विलोम , वाह्य प्राणायाम, अग्निसार व नौलिक्रिया,भ्रामरी तथा उद्गगीथ प्राणायामों के साथ-साथ ध्यान और योग निद्रा का अभ्यास कराकर मनोः स्थिति पर पड़नें वाले प्रभावों को भी बताया गया।इस मौके पर आई टी आई शिवपूजन यादव, राजकुमार, बालेश्वर यादव, धनन्जय, ओमप्रकाश सिंह, राकेश जायसवाल, अजय कुमार व एजाज अहमद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

