उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के नाम पर धन वसूली
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जौनपुर। उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया के प्रति जानकारी का अभाव लोगों को आर्थिक शोषण का शिकार बना रहा है। जानकारी का अभाव ही कहा जाएगा कि पति के बैंक खाते में जमा 15 हजार पाने के लिए एक महिला को उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवाने में पांच हजार रुपये खर्च करने पड़े। जबकि गैर विवादित उत्ताधिकार प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करने से एक हफ्ते के अंदर प्राप्त हो जाता है। सदर तहसील के एक महिला की मौत के बाद उसके बैंक खाते से 20 हजार रुपए की धनराशि पाने के लिए उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की जरूरत थी। महिला ने बताया कि उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर उसने करीब पांच हजार खर्च किए तब जाकर प्रमाण पत्र बना। इसी प्रकार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के लिए राजस्व कर्मी मोटी रकम धनउगाही करते है। एसडीएम सदर कहना है कि गैर विवादित उत्तराधिकार प्रमाण पाने के लिए मृतक के उत्तराधिकारी को तहसील में निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करना होता है। इसका कोई शुल्क नहीं है। आवेदन के बाद संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल की जांच आख्या के बाद उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।

