आलू किसानों की मुसीबत बढ़ी
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जौनपुर। आलू उत्पादक किसानों के लिए कोहरे के साथ हर साल पड़ने वाला पाला मुसीबत लेकर आता है। ठंड बढ़ने के साथ इसका प्रकोप खेतों में बढ़ जाता है। किसान सब्जियों की खेती के लिए जनपद में अपनी पहचान रखते हैं। जिले में हर बार ठंड अपने साथ भीषण शीतलहर लेकर आती है। इससे आलू उत्पादक किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए जूझना पड़ता है। हर साल सैकड़ों एकड़ आलू की फसल पाले के चपेट में आकर चैपट हो जाती है। लगातार गिरते पारे व शीतलहर को देखकर आलू उत्पादक किसान अब भगवान भरोसे हैं। मौसम के तेवर को देखकर अभी ऐसा नहीं लगता की जल्दी इससे राहत मिलेगी। गौराादशाहपुर के आलू किसान राम आसरे, दीपक र्मौर्य , रामलखन का कहना है कि आलू को पाले की मार से बचाने के लिए खेतों में नमी बनाए रखना चाहिए। इसमें आलू की पत्तियों पर छोटी- छोटी काली बिदी पड़ जाती है। जिस पर समय से ध्यान न देने पर यह आकार में बढ़ती जाती है, और आलू के डंठल को झुलसा देती है।
