नगर में मुशायरे का आयोजन, मना जश्न
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मछलीशहर। नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोहल्ला कोतवाली स्थित
सिटी मान्टेसरी स्कूल मे आयोजित मुशायरे मे जब आजम मछलीशहरी ने यह कलाम "
इस नयेसाल का जश्न यूँ मनाया जाए, जो परेशान है गले उनको लगाया जाये " पेश
किया तो जाडे की इस बेहद सर्द रात मे भी लोगों ने इस बेजोड़ शायरी मे छिपी
गरमी और उसके गहरे पन को महसूस किया। वहीं मोहम्मद यूनुस ने अपने इस कलाम
से " इस उम्र को हर साल घटायेगा नया साल ; जिन्दा गर मैं रहूँगा तभी तो
आयेगा नया साल " और ठिठुरन पैदा कर दी। आंशिक मछलीशहरी ने फरमाया " खुलूसो
इश्को वफा का पैगाम साथ लाया है ; मुबारक हो , मुबारक हो नया साल आया है।
वहीं मुजतर मछलीशहरी ने " तमन्ना यही है , यही मुददोआ है। नया साल सबको
मुबारक हो यारो "।
हनीफ ने कहा " मुबारक सभी को नया साल हो, दुआ करो देश भी नये साल मे खुशहाल हो "। अफरोज ने फरमाया "जो भी गुजरा जैसा गुजरा वह मर्जी अल्लाह की थी, माजी की बातें छोडो और बात नये साल की करो "। अख्तर मछलीशहरी ने सुनाया " हम है सजाये बज्मे खुशी नये साल में, आ जाओ तुम्हारी ही कमी है इस नये साल मे"। मुशायरे की सदारत(अध्यक्षता) फिरोज खान ने तथा संचालन आजम मछलीशहरी ने किया।
हनीफ ने कहा " मुबारक सभी को नया साल हो, दुआ करो देश भी नये साल मे खुशहाल हो "। अफरोज ने फरमाया "जो भी गुजरा जैसा गुजरा वह मर्जी अल्लाह की थी, माजी की बातें छोडो और बात नये साल की करो "। अख्तर मछलीशहरी ने सुनाया " हम है सजाये बज्मे खुशी नये साल में, आ जाओ तुम्हारी ही कमी है इस नये साल मे"। मुशायरे की सदारत(अध्यक्षता) फिरोज खान ने तथा संचालन आजम मछलीशहरी ने किया।

