हे भगवान कैईसौ आठ तारीख बीत जात
https://www.shirazehind.com/2017/03/blog-post_24.html
जौनपुर। चुनाव प्रचार खत्म होने में मात्र दो दिन शेष रह गया है। ऐसे में कार्यकर्ता जाति, धर्म के ठीकेदार प्रत्याशियों की खून चूस लेना चाहते है। कई महीने से हो शोषण से अजीज आकर अब प्रत्याशी कराहते हुए कहने लगे है कि हे भगवान कैईसौ आठ तारीख बीत जात यह दर्द एक प्रत्याशी का नही बल्की सभी दलो के नेताओ का है।
दरअसल चुनाव आते ही अवसरवादी नेता कार्यकर्ता और जाति धर्म के तथाकथित ठीकेदार सक्रिय हो जाते है। ये लोग पहले ही दिन से अपने अपने शिकार का एक एक कतरा चुसना शुरू कर देते है। कोई प्रचार करने के नाम पर खर्चा मांगता है तो कोई दूसरी पार्टियों के मतदातओ को अपने पाल्हे में लाने की बात करके पैसा ऐठता तो कोई अपनी पूरी विरादरी का वोट डलवाने के नाम पर भारी भरकम रकम वसूल करता है। हर कदम पर पैसा ही चाहिए। उधर प्रत्याशी बेचारे विधायक बनने की लालच में सब कुछ जानते हुए भी अपना खजाना लूटा दे रहे है।
दरअसल चुनाव आते ही अवसरवादी नेता कार्यकर्ता और जाति धर्म के तथाकथित ठीकेदार सक्रिय हो जाते है। ये लोग पहले ही दिन से अपने अपने शिकार का एक एक कतरा चुसना शुरू कर देते है। कोई प्रचार करने के नाम पर खर्चा मांगता है तो कोई दूसरी पार्टियों के मतदातओ को अपने पाल्हे में लाने की बात करके पैसा ऐठता तो कोई अपनी पूरी विरादरी का वोट डलवाने के नाम पर भारी भरकम रकम वसूल करता है। हर कदम पर पैसा ही चाहिए। उधर प्रत्याशी बेचारे विधायक बनने की लालच में सब कुछ जानते हुए भी अपना खजाना लूटा दे रहे है।

