रिया को बैंक ने किया पुरस्कृत
https://www.shirazehind.com/2017/03/blog-post_330.html
नोट बंदी के दौरान 21 नवम्बर को रिया ने बैंक मे गुल्लक फोड जमा किये थे 1450 रूपये
जौनपुर। टिटिहरी
ने भी जब चोंच से समुद्र को खाली करना शुरू किया था तो अन्य पक्षियों ने
उसकी हंसी उडाई थी पर टिटिहरी के प्रयास को देख अगस्त मुनि ने जब समुद्र के
पानी को सोख लिया था तो समुद्र को टिटिहरी के अण्डे वापस करने ही पडे थे।
ठीक उसी प्रकार जब नोट बंदी के दौरान लोग पैसो को निकालने के लिये परेशान
थे तथा सडक जाम कर रहे थे तो ऐसे में कक्षा आठ में पढने वाली नन्ही सी
बच्ची ने गुल्लक मे जमा रूपयो को बैंक मे जमा करवाकर लोगों के सामने नजीर
पेश की जिसके लिये बैंक स्टाफ रिया का तहेदिल से स्वगत अभिनन्दन करता है।
उक्त बाते गुरूवार को यूनियन बैंक जिवली में रिया को सम्मानित करते हुये
शाखा प्रबन्धक दिनेश कुमार ने कही। बैंक एकाउन्टेन्ट अनुभव कुमार गुप्त ने
बताया कि रिया के उक्त प्रयास से प्रभावित होकर बहुत से लोगों ने अपनी
राेज की आमदनी से पैसो को बचाकर बैंक में जमा करवाया जिसकी वजह से स्थिति
काे संभालने में हम कामयाब रहे।
ज्ञातव्य हो कि
ठेकमां ब्लाक के उदियांवां निवासी कक्षा 8 की छात्रा रिया तिवारी जिसकी
उम्र बामुशिकल 12 साल है उसने जब लोगों को घंटो लाईन में पैसों के लिये
परेशान होते देखा तो उसका बालमन में हलचल सी मच गयीं। उसने अपनी बडी बहन
रिचा जो कि कक्षा नौ में पढती है से पूछा कि हम भले ही अभी छोटे है परन्तु
कुछ करना चाहिये। शनिवार को दोनो बहनों ने अपने उस गुल्लक को फोडनें का
फैसला किया जिसमें वो अपने माता पिता से मिले जेब खर्च तथा जन्म दिन पर
मिले पैसो में से कुछ बचाकर रखती थी। गुल्लक फोडकर जब उसे गिना तो देखा कि
उसमें कुल 1450 रूपये इकटठा हो चुकें थे जो कि 10,20 तथा 50 का नोट थे।
अपने माता पिता रीमा और विष्णुदत्त की सलाह से वे 19 नवम्बर 2016 शनिवार को
शाम साढे पांच बजे उन पैसों को यूनियन बैंक जिवली की शाखा में उसे जमा
करनें गयी। जब शाखा मैनेजर दिनेश कुमार को पता चला कि एक छोटी बच्ची उनके
ब्रांच में पैसे जमा करने आयी है वो भी 10, 20, 50 के नोट तो उनके हैरत का
ठिकाना न रहा और पूरे स्टाफ नें खडे होकर ताली बजाकर उस नन्ही जमाकर्ता का
स्वागत किया। ब्रांच मैनेजर दिनेश कुमार नें खुद अपने हाथों से उसका जमा
फार्म भरा तथा पैसे जमा करवाये। उसके बाद बैंक स्टाफ ने मिठाई खिलाकर रिया
का स्वागत किया था।

