बड़ी मछलियों पर हाथ डालने से कतरा रहा प्रशासन
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जौनपुर। भू-माफिया चिह्नित करने में तहसीलों के अधिकारी कतरा रहे हैं। 495 ग्राम सभाओं में 40 हेक्टएयर जमीन मुक्त कराकर 32 भू-माफियाओं को चिन्हित किया गया है जो पांच हेक्टएयर से अधिक जमीनों पर अवैध कब्जा किये है। लोगों का कहना है कि जिले में भू-माफिया की तादाद सैकड़ो में है। ऐसे में भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर तहसील प्रशासन महज खानापूरी कर रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि सरकारी विभागों के जमीन व भवनों पर अवैध कब्जे के कई मामले सामने आए हैं। प्रशासन छोटी मछलियों पर तो हाथ डाल रहा है, लेकिन बड़ी मछलियों पर हाथ डालने से कतरा रहा है। हालांकि बक्शा थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर गांव में अवैध ईट भट्ठे को सीज कर 8 लाख ईटे जब्त की गयी है। योगी सरकार ने अवैध कब्जों के लिए हर तहसील, जनपद, मंडल और राज्य स्तर पर एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स गठित किया है और अभियान चलाकर अवैध कब्जों को चिह्नित कर कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। अभी तक 32 भू-माफिया की सूची शासन को उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर गौर करें तो ग्राम सभा की जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों की तादाद बहुत अधिक है। लोगों का कहना है कि यदि ग्राम सभाओं की सभी जमीनों का भौतिक सत्यापन करा दिया जाए तो यह तादाद हजारों में पहुंच जाएगी। लोगों का कहना है कि प्रशासन भू-माफिया को चिह्नित करने में महज खानापूरी कर रहा है। अभी तक जितने लोगों की सूची तैयार की गई है, वे छोटी मछलियां हैं। बड़ी मछलियों पर हाथ डालने से जिला प्रशासन कतरा रहा है। लोगों की मानें तो बड़ी मछलियों की पकड़ शासन में बैठे लोगों तक है।
