स्कूलों में नहीं पहुंची किताबे, कैसे होगी पढ़ाई
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जौनपुर। एक जुलाई से परिषदीय स्कूल खुलने वाले हैं, लेकिन अभी तक जनपद में निःशुल्क सरकारी किताब छात्रों तक नहीं पहुंची हैं। ऐसे में नौनिहाल एक बार फिर बिना किताबों के ही पढ़ाई करेंगे। यह हाल तब है जब प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा कर रही है।जिले में 21 ब्लाकों के अशासकीय मान्यता प्राप्त व प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक स्कूल व बच्चे पंजीकृत थे। इस साल अप्रैल से नया सत्र शुरू हो गया है। शासन ने हर महीने की पढ़ाई भी तय कर दी है। कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं में हिदी, गणित, अंग्रेजी, सामाजिक अध्ययन, विज्ञान, संस्कृत, कला, नैतिक शिक्षा, संगीत, पर्यावरण, शारीरिक शिक्षा खेल तथा योगासन व समाजपयोगी उत्पादन कार्य विषय शामिल हैं। अप्रैल, मई व जून का महीना बिना किताबों के बीत गया। इन विषयों में बिना किताब बच्चे पढ़ाई कैसे करेंगे, यह अहम सवाल है। जबकि योगी सरकार परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन माहौल बेहतर करने पर जोर दे रही है। जिले के परिषदीय स्कूल बिना किताब निजी स्कूलों का मुकाबला कैसे करेंगे। पिछले साल भी बच्चों को समय से किताबें मुहैया नहीं कराई जा सकी थी। विभागीय लोगों का कहना है कि इस बार भी जुलाई के पहले दिन से किताबें उपलब्ध नहीं हो पाएंगी। इसकी वजह शासन से किताबों के टेंडर प्रक्रिया में देरी बताई जा रही है।

