मिठाई नहीं होगी फीकी, नमकीन का स्वाद लुभायेगा
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जौनपुर। जीएसटी से मिठाई और बेकरी व्यापारी पूरी तरह से बेफिक्र है। व्यापारियों के अनुसार यह एक अच्छा कदम है। सरकार ने टैक्स को सरल बनाया है। हालांकि, व्यापारी कुछ मांग सरकार से जरूर कर रहे हैं। जिसमें नमकीन पर बढ़ाए गए टैक्स को पांच प्रतिशत में रखने की मांग शामिल है। जिससे कि ग्राहक नमकीन से दूरी ना बनाए और मिठाई की तरह ही नमकीन का कारोबार भी सही प्रकार से चल सके। पहले मिठाईयों पर पांच प्रतिशत टैक्स लगता था। जीएसटी में भी मिठाईयों को पांच प्रतिशत की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में मिठाईयों पर कोई असर जीएसटी का पड़ने वाला नहीं है। जबकि नमकीन पर पहले पांच प्रतिशत टैक्स लगता था, जो जीएसटी में बढ़कर 12 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि, मिठाई से लेकर बेकरी और नमकीन का यह व्यापार पूरी तरह से किराना बाजार पर निर्भर होता है। यदि मिठाई, नमकीन और बेकरी में प्रयोग होने वाले सामान पर महंगाई का असर पड़ता है तो यहां भी महंगाई बढ़ना लाजमी है। स्वयं किराना बाजार में जीएसटी के बाद कोई बड़ा अंतर नजर नहीं आ रहा है। यदि बढ़ोतरी हुई भी तो बहुत मामुली स्तर पर होगी। मिठाई पर तो जीएसटी का बिल्कुल असर पड़ता दिख नहीं रहा है जबकि नमकीन पर कुछ असर जरूर होगा। व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी कई टैक्स से छुटकारा दिलाएगा और एक टैक्स देना होगा। परंतु, सरकार को मिठाई और नमकीन दोनों को एक ही श्रेणी में रखना चाहिए था। जीएसटी से थोड़ी बहुत दिक्कत बेकरी के संचालकों को ही है। उनके यहां कई आइटम बनते हैं। ऐसे में किस पर कितना टैक्स लगेगा, यह उन्हें समझ नहीं आ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि नमकीन पर टैक्स नहीं बढ़ाना चाहिए था। इसे पांच प्रतिशत में ही शामिल किया जाए। जीएसटी लगाकर सरकार बेहद सराहनीय कार्य कर रही है। लोग इसे समझेंगे तो कुछ भी कठिन नहीं है, जबकि यह एक सरल प्रक्रिया रहेगी।

