अपेडिक्स नहीं था कर दिया युवक का आपरेशन
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जौनपुर। जिले के बदलापुर तहसील मुख्यालय के ईसा पाली चिकित्सालय में बिना मर्ज के ही चिकित्सक ने एक युवक के पेट का आपरेशन कर दिया और नसें काटकर निकाल दिया। जिसका नतीजा यह हुआ कि संक्रमण होने से उसकी हालत नाजुक हो गयी। महीनों उपचार के बाद दो लाख से अधिक रूपया खर्च करने पर युवक की हालत में सुधार होना अब शुरू हुआ है। जनपद प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रामगंज बाजार निवासी अनिलकुमार त्रिपाठी ने बताया कि उसके 19 वर्षीय पुत्र शुभम त्रिपाठी को पेट में दर्द की शिकायत थी। अल्ट्रासोनोग्राफी कराने पर कुछ नहीं मिला। एक दिन शुभम को पेट दर्द होने लगा तो बदलापुर में ईसा पालीचिकित्सालय के संचालक डा0 धर्मेन्द सिंह पड़ोस मंे आये थे। उनसे सलाह लेने पर कहा कि जल्दी अस्पताल पर ले चलो अन्यथा एपेण्डिक्स फट सकता है। इसके बाद पीड़ित युवक को आनन फानन मंे ईसा पालीचिकित्सालय बदलापुर ले आया गया। जहां जौनपुर के डा0 सन्तोष यादव ने पेट का आपरेशन कर अपेडिक्स निकालने की बात कही। एक सप्ताह बाद टांका कटने के बाद इन्फेक्शन हो गया तो अन्य चिकित्सकों ने बताया कि एपेडिक्स युवक को था ही नहीं। आपरेशन कर पा नहीं क्या काटा गया है। इसके बाद प्रतापगढ़ में लाखों रूपया खर्च कर युवक की जान बचायी गयी। गरीब परिवार कर्ज लेकर किसी प्रकार दवा इलाज कर रहा है। डा0 धर्मेन्द का कहना है कि जिसने आपरेशन किया है वह जिम्मेदार है जबकि डा0 सन्तोष यह कह कर पल्ला झाड़ रहा है कि उन्होने यह आपरेशन किया ही नहीं है।

