राष्ट्रीय लोक अदालत में 8270 वादों के निस्तारण, 9859 व्यक्ति लाभान्वित हुए
https://www.shirazehind.com/2018/02/8270-9859.html
जौनपुर। दीवानी न्यायाल में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस मौके
विभिन्न अदालतो द्वारा आठ हजार 270 वादो का निस्तारण किया।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आज सूबह दस बजे से दीवानी न्यायाल में जिला जज अजय त्यागी की अध्यक्ष में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। विभिन्न अदालतो में कुल आठ हजार 271 मुकदमो का निस्तारण किया गया। जिसमें नौ हजार 859 व्यक्तियों का लाभ हुआ है। इस अवसर पर न्यायपालिका के अधिकारीगण, प्रशासनिक अधिकारीगण एवं प्राधिकरण के सदस्यगण, अधिवक्तागण व काफी संख्या में वादकारीगण उपस्थित हुए। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के सचिव रवि यादव द्वारा विभिन्न अदालतों के माध्यम से दीवानी के 55 वाद, लघु आपराधिक के 4382 वाद, एनआई एक्ट के 14 वाद, वैवाहिक वाद/भरण पोषण के 97 वाद, विद्युत के 18 वाद, एम.ए.सी.पी. के 50 वाद, उत्तराधिकार के 15 वाद बैंक वसूली 02 वाद, तथा प्रीलिटीगेशन स्तर पर बैंक ऋण वसूली के 11304 वाद, लघु आपराधिक के 537, विद्युत के 16 वाद, श्रम के 15 वाद, राजस्व के 256 वाद तथा अन्य प्रकार के 4516 देखे गये। इस प्रकार कुल 21277 वाद निस्तारण हेतु लगाये गये।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आज सूबह दस बजे से दीवानी न्यायाल में जिला जज अजय त्यागी की अध्यक्ष में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। विभिन्न अदालतो में कुल आठ हजार 271 मुकदमो का निस्तारण किया गया। जिसमें नौ हजार 859 व्यक्तियों का लाभ हुआ है। इस अवसर पर न्यायपालिका के अधिकारीगण, प्रशासनिक अधिकारीगण एवं प्राधिकरण के सदस्यगण, अधिवक्तागण व काफी संख्या में वादकारीगण उपस्थित हुए। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के सचिव रवि यादव द्वारा विभिन्न अदालतों के माध्यम से दीवानी के 55 वाद, लघु आपराधिक के 4382 वाद, एनआई एक्ट के 14 वाद, वैवाहिक वाद/भरण पोषण के 97 वाद, विद्युत के 18 वाद, एम.ए.सी.पी. के 50 वाद, उत्तराधिकार के 15 वाद बैंक वसूली 02 वाद, तथा प्रीलिटीगेशन स्तर पर बैंक ऋण वसूली के 11304 वाद, लघु आपराधिक के 537, विद्युत के 16 वाद, श्रम के 15 वाद, राजस्व के 256 वाद तथा अन्य प्रकार के 4516 देखे गये। इस प्रकार कुल 21277 वाद निस्तारण हेतु लगाये गये।
इस
लोक अदालत में विभिन्न अदालतों के माध्यम से दीवानी के 45 वाद, लघु
आपराधिक के 2775 वाद, एनआई ऐक्ट के 4 वाद, वैवाहिक वाद/भरण पोषण के 7 वाद,
विद्युत के 17 वाद, एमएसीपी के 29 वाद, उत्तराधिकार के 14 वाद तथा बैंक
वसूली 1 वाद, प्रीलिटीगेशन स्तर पर बैंक ऋण वसूली के 424 वाद, लघु आपराधिक
के 532, विद्युत के 15 वाद, श्रम के 15 वाद, राजस्व के 228 वाद तथा अन्य
प्रकार के 4167 का निस्तारण कराया गया। इस प्रकार कुल 8270 वादों का
निस्तारण कराया गया।
यानी सम्पूर्ण 8270 वादों के
निस्तारण के फलस्वरूप 9859 व्यक्ति लाभान्वित हुए। लघु आपरराधिक वादों में
बतौर अर्थदण्ड के रूप में 515175 रू0 जमा कराया गया। विद्युत वादों में
बतौर अर्थदण्ड के रूप में 13500 रू0 जमा कराया गया। भरणपोषण/वैवाहिक मामलों
से संबंधित वादों का निस्तारण कर सुलह के रूप में प्रथम पक्ष को 350000
रू0 की धनराशि दिलायी गई। उत्तराधिकार वादों में 1784683.15 के उत्तराधिकार
प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश निर्गत हुए। मोटर दुर्घटना से पीड़ित
व्यक्तियों को प्रतिकर के रूप में 7248000 रू0 की धनराशि दिलाई गई। विभिन्न
बैंकों की रु0 5259560 जमा कराया गया।

