संघर्ष से मिलती सफलता - प्रो पिनाकी
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जौनपुर।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन विभाग द्वारा
पुरातन छात्र सम्मेलन 2018 का आयोजन शनिवार को विश्वविद्यालय के अवैद्यनाथ
संगोष्ठी भवन में किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में एमबीए पाठ्यक्रम की
शुरुआत 1990 में हुई थी। विभाग के पुरातन छात्र देश- विदेश के विभिन्न
संस्थानों में बड़े पदों पर आज कार्य कर रहे हैं। इस सम्मेलन में 1992 से
2017 तक उत्तीर्ण हुए तमाम विद्यार्थियों ने शिरकत की और अपने अनुभवों को
साझा किया। कई वर्षों बाद अपने साथियों से मिलने की ख़ुशी उनके चेहरे पर दिख
रही थी।
उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि
ट्रेनिंग में प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने कहा कि
विश्वविद्यालय को अपने पुरातन छात्रों पर गर्व है। पुरातन छात्रों को
मिलकर कर कनिष्ठ छात्रों के प्लेसमेंट की योजना बनानी चाहिए। कुलसचिव डॉ
सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि प्रत्येक विभाग को अपने पुरातन छात्रों का
डाटाबेस तैयार करना चाहिए यह डेटाबेस आने वाले समय में बहुत उपयोगी साबित
होगा।
विशिष्ट अतिथि विभाग के पूर्व छात्र एवं
अंतर्राष्ट्रीय प्रबंध संस्थान दिल्ली के प्रोफेसर पिनाकी दास गुप्ता ने
कहा कि पुरातन छात्र सम्मेलन में अलग-अलग बैच के विद्यार्थियों से मिलना
सुखद संयोग होता है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक हमें सदैव बेहतर निर्देशन
दे सकता लेकिन जीवन में संघर्ष हमें स्वयं करना पड़ता है। संघर्ष से हमारे
व्यक्तिव का निर्माण होता है जो सफलता की ओर ले जाता है।
इसी
क्रम में जुबिलेंट लाइफ साइंसेज दिल्ली के वाइस प्रेसिडेंट रंजीत सिंह ने
कहा कि एलुमिनाई नेटवर्क प्रतिवर्ष विभाग के डॉ सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों
को स्कॉलरशिप देगा। विभाग के अध्यक्ष डॉ मुराद अली ने पुरातन छात्रों का
परिचय एवं विभाग की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। विभाग के विद्यार्थियों
द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर बृजेश
मिश्र,प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, राजेश कुमार, सच्चिदानंद यादव, प्रिया
रघुवंशी, प्रदीप शर्मा, मनीष कुमार सिंह,आदित्य नारायण,राजेश कुमार मिश्रा,
शैलजा सहाय, श्रुति जायसवाल, नीरज अग्रवाल, निशांत सिंह समेत समेत तमाम
पूर्व छात्र उपस्थित रहे.
