ई- लाटरी में उलझे हैसियत वाले
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जौनपुर। आबकारी विभाग की ई-लॉटरी में आवेदक उलझे हुए हैं। इसमें सर्वाधिक आड़े आ रही है तकनीकी जानकारी। विभागीय वेबसाइट, पोर्टल और नेटवर्क इसमें जले पर नमक छिड़ने सा काम कर रहा है। आवेदन करने के मात्र चन्द दिन शेष बचे हैं और अभी तक अधिकांश विभाग और आवेदक भ्रम की स्थिति में हैं। समस्याओं के दृष्टिगत विभाग पोर्टल में सुधार कर रहा है। आबकारी विभाग की नई नीति के तहत 2018-19 में ई-लॉटरी से आवंटन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शराब की दुकान के लिए केवल वही आवेदन कर सकता है जिसके पास हैसियत प्रमाण पत्र हो। अचल संपत्ति के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा जारी किए जा रहे इस हैसियत प्रमाण पत्र में जितनी हैसियत का आकलन किया जाएगा, आवेदक उसी हैसियत के आधार पर ही दुकानों का चयन कर आवेदन कर सकता है। 20 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और तमाम आवेदक अभी हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्र के लिए ही चक्कर लगा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन में आवेदकों को बहुत कसरत करनी पड़ रही है। सर्वाधिक दिक्कत सामने आ रही है कि अधिकांश आवेदक अभी भी आवेदन की प्रक्रिया समझने के लिए भटक रहे हैं क्योंकि इंटरनेट तो क्या आज तक उन्होंने कम्प्यूटर तक का प्रयोग नहीं किया है। जिससे लोग दूसरों के भरोसे हैं। वहीं आवेदन के लिए नेटवर्क की खामी, वेबसाइट और पोर्टल का न खुलने की समस्या बार-बार सामने आ रही है। वहीं आवेदन के दौरान आवेदन शुल्क जमा करने में छींके आ रही हैं। कहीं पोर्टल पर आवेदक का बैंक ही नहीं दर्शा रहा है तो कहीं भुगतान प्रक्रिया के दौरान बैंक का पोर्टल नहीं खुल रहा है। जिन आवेदकों की हैसियत एक लाख से नीचे की है उनका पोर्टल पर पंजीयन ही नहीं हो पा रहा है।

