जंगल का नहीं गृहस्थ संन्यासी चाहिए
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जौनपुर। श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चन्द का 130 वां जन्मोत्सव रविवार को संत्संग बिहार कमला नगर हुसैनाबाद में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर भव्य शोभायात्रा निकाली गयी जो शहर के प्रमुख मार्गो ओलन्दगंज, चहारसू चैराहा, सदभावना पुल होते हुए लाइन बाजार सत्संग केन्द्र पहुंच। शोभा यात्रा में राधे बोल राधे बोल, हरि बोल, हरि बोल के ध्वनि से शहर गुजांयमान हो गया। इसके पहले प्रातः चार बजे वेद मांगलिकी, शहनाई वादन, प्रार्थना एवं विभिन्न धर्मग्रन्थ पाठ हुआ। शाभा यात्रा समाप्ति के बाद धर्म सभा में विभिन्न विद्वान वक्ताओं ने श्रीश्री ठाकुर जी के दिव्य जीवनधारा पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि यजन, याजन और ईष्ट के पूर्णतया पालन करने से जीवन सार्थक और सुखमय हो सकता है। बताया कि जब तक व्यक्ति ईष्टमुखी नहीं होगा तब तक उसे लक्ष्य प्राप्त नहीं होगा। वक्ताओं ने कहा कि ठाकुर जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था, वे सभी से प्रेम करते थे और सभी से प्रेम करने की शिक्षा देते है। कहा कि ठाकुर कहते हैं कि मुझे जगंल का नहीं गृहस्थ सन्यासी चाहिए जो जो ईष्टमुखी जीवन व्यतीत करे तथा संसार के सभी कार्य करे एवं मन लगाकर करें। इस दौरान दीक्षा का कार्यक्रम हुआ जिसमें तमाम लोगों ने ठाकुर बताये मार्ग का पर चलने का संकल्प लिया। विभिन्न जनपदों से आये ऋत्विकों ने ठाकुर जी के जीवन के अनेक पहलुओं और महत्वपूर्ण बातों की चर्चा किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्संग केन्द्र वाराणसी के एसपीआर हरिशंकर सिंह ने किया। मुख्यअतिथि प्रदेश के राज्यमंत्री गिरीश यादव, विशिष्ट अतिथि विधायक डा0 हरेन्द्र प्रताप सिंह, गाजीपुर के एसपीआर श्याम नरायन सिंह,डा0 नीलेश श्रीवास्तव, डा0 पंखड़ी श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव बच्चा भइया एडवोकेट सहित तमाम संत्सगी मौजूद रहे। संचालन काली प्रसाद सिंह एसपीआर ने किया।

