पूर्ति निरीक्षक की कार्यशैली से बढ़ रहा असन्तोष
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जौनपुर। पूर्ववर्ती सपा सरकार के शासन काल से ही एक ही स्थान पर जमे पूर्ति निरीक्षक केराकत सतीश चंद्र कनौजिया की कार्यशैली से राशन कार्ड धारकों में अति जन असंतोष बढ़ने लगा है । बताते हैं कि सपाई मानसिकता से ग्रस्त उक्त पूर्ति निरीक्षक पिछले कई वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत है और भ्रष्टाचार को ज्यादा और जनहित को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं । आमजन में यह आवाज बुलंद होने लगी है । प्रदेश सरकार ने नारा दिया है कि सबका साथ सबका विकास वही पूर्ति निरीक्षक सरकार के उक्क्त संकल्प पूर्ण नारे को पलीता लगाते हुए अपना विकास और खाद्य माफियाओं का विकास साकार करने में लगे हुए नजर आ रहे हैं । ज्ञात हो कि केराकत नगर पंचायत क्षेत्र के नरहन वार्ड प्रथम, द्वितीय ,तृतीय समेत मेहडितला वार्ड के सरकारी सस्ते गल्ले की राशन कार्ड धारकों का खाद्यान व मिट्टी का तेल पूर्व में श्रीमती दुर्गावती गिरी के नरहन स्थित कोटे की दुकान से वितरित किया जाता रहा था। उनके बीमारी के चलते उनकी दुकान का वितरण कार्य सम्बन्ध कर अशोक कुमार सोनकर नालापार की दुकान से कर दिया गया। दुर्गावती गिरी के द्वारा कुछ समय पश्चात अपने कोटे की दुकान से लिखित त्याग पत्र दे दिया गया है ।बीते पिछले माह उक्त चार वार्ड के राशन कार्ड धारकों का राशन अशोक सोनकर की दुकान से वितरित होता रहा वहां से हटाकर अशोक गुप्ता जोकि पब्लिक इंटर कॉलेज के निकट है और लालचंद सोनकर जो कि नार्मल स्कूल सरायबीरू से सम्बद्ध कर दिया गया।पूर्ति निरीक्षक का मनमानी का परिणाम यह रहा कि, फरवरी माह बीतने को है राशन कार्ड धारकों को अपने खाद्यान के लिए दर-दर भटकने के साथ 2 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है ।

