श्री माँ शारदा शक्तिपीठ में रजत महोत्सव का शुभारंभ 3 मार्च से
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जौनपुर। श्री माँ शारदा शक्तिपीठ (मैहर देवी मंदिर) की जौनपुर के परमानतपुर में स्थापना के पच्चीसवें वर्ष पर विशेष आयोजन किया गया है। श्री माँ शारदा रजत महोत्सव के अवसर पर तीन दिन कार्यक्रम होंगे।
रजत महोत्सव का शुभारंभ शनिवार 3 मार्च को होगा। पहले दिन माँ शारदा और श्री राम दरबार के साथ ही मंदिर परिसर में स्थापित सभी देव विग्रहों का भव्य दरबार आकर्षण का केन्द्र रहेगा। भव्य सजावट तथा अलौकिक श्रृंगार का दायित्व कोलकाता के कलाकारों को सौंपा गया है। अखंड ज्योति, छप्पन भोग एवं महाआरती के अतिरिक्त प्रातः 9 बजे से श्रीराम चरित मानस का संगीतमय अखंड पाठ शुरू होगा।
रविवार 4 मार्च को श्रीराम चरित मानस का अखंड पाठ सम्पन्न होने के बाद लोक कल्याणार्थ विशेष हवन-पूजन का आयोजन है। महोत्सव के दूसरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही सायं साढ़े 5.30 बजे से कवि सम्मेलन तथा अतिथि कलाकारों द्वारा ब्रज की होली की जीवंत झांकी का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
शक्तिपीठ के प्रधान न्यासी सूर्य प्रकाश जायसवाल ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया है कि रजत महोत्सव का समापन सोमवार 5 मार्च को भजन गंगा, देव लीलाओं की दर्शनीय झांकी, नृत्य, देव दरबार, छप्पन भोग, महाआरती आदि कार्यक्रमों के साथ होगा । अंतिम दिन दोपहर एक बजे से महाप्रसाद (भंडारा) का भी आयोजन है। श्री जायसवाल ने इस तीन दिवसीय रजत महोत्सव के कार्यक्रमों में सम्मिलित होने की सभी से अपील की है।
रजत महोत्सव का शुभारंभ शनिवार 3 मार्च को होगा। पहले दिन माँ शारदा और श्री राम दरबार के साथ ही मंदिर परिसर में स्थापित सभी देव विग्रहों का भव्य दरबार आकर्षण का केन्द्र रहेगा। भव्य सजावट तथा अलौकिक श्रृंगार का दायित्व कोलकाता के कलाकारों को सौंपा गया है। अखंड ज्योति, छप्पन भोग एवं महाआरती के अतिरिक्त प्रातः 9 बजे से श्रीराम चरित मानस का संगीतमय अखंड पाठ शुरू होगा।
रविवार 4 मार्च को श्रीराम चरित मानस का अखंड पाठ सम्पन्न होने के बाद लोक कल्याणार्थ विशेष हवन-पूजन का आयोजन है। महोत्सव के दूसरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही सायं साढ़े 5.30 बजे से कवि सम्मेलन तथा अतिथि कलाकारों द्वारा ब्रज की होली की जीवंत झांकी का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
शक्तिपीठ के प्रधान न्यासी सूर्य प्रकाश जायसवाल ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया है कि रजत महोत्सव का समापन सोमवार 5 मार्च को भजन गंगा, देव लीलाओं की दर्शनीय झांकी, नृत्य, देव दरबार, छप्पन भोग, महाआरती आदि कार्यक्रमों के साथ होगा । अंतिम दिन दोपहर एक बजे से महाप्रसाद (भंडारा) का भी आयोजन है। श्री जायसवाल ने इस तीन दिवसीय रजत महोत्सव के कार्यक्रमों में सम्मिलित होने की सभी से अपील की है।

