31 को न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेगें अधिवक्ता
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जौनपुर। विधि आयोग द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता संसोधन अधिनियम के विरोध में देश भर के अधिवक्ता 31 को न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेगें। इसी के तहत दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता भी हड़ताल में शामिल होगें। दीवानी अधिवक्ता संघ ने कहा है कि इस विधेयक के लागू होने से वकीलों की समस्यायें ऐसे लोगों की हाथ में होगी जिनका वकालत से कोई सम्बन्ध नहीं है। इसमें काम में लापरवाही और अनुशासन तोड़ने पर वकीलों पर कार्यवाही होगी। जज या कोई भी न्यायिक पदाधिकारी लापरवाह व अनुशासन हीनता पर वकील का लाइसेन्स रद्द कर सकता है। हड़ताल करने पर कार्यवाही या जुर्माना का प्राविधान है। राज्य बार काउन्सिल के आधे से अधिक सदस्य उच्च न्यायालयों द्वारा नामित किये जायेगे। इन सदस्यों मंें डाक्टर, इन्जीनियर अथवा विजनेसमैन होगें। बीसीआई के सदस्य के लिए कोई चुनाव नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायधीश, केन्द्रीय निगरानी आयुक्त, चार्टर्ड एकाउण्टेट के अपीलीय अधिकारी द्वारा बीसीआई के आधे से अधिक सदस्य नामित किये जायेगंे। इसके अतिरिक्त वकीलों को उपभोक्ता आयोग द्वारा तय नियमों के अनुसार मुअक्किलों को हर्जाना देना होगा। इस विधेयक के विरोध में हड़ताल कर प्रदर्शन किया जायेगा।

