पेण्टर की मौत का पता पांच दिन बाद लगा
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जौनपुर। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के धर्मापुर गांव निवासी एक पेण्टर की सड़क हादसे में मौत हो गयी लेकिन उसकी शिनाख्त न हो पाने से पुलिस ने लावारिश में अन्तिम संस्कार कर दिया जबकि जहां घटना हुई वहां से मृतक का घर महज दो किलोमीटर दूर है। जब मृतक के परिजनों को यह पता लगा तो वे सदमें में डूब गये। बताते हैं कि धर्मापुर गांव निवासी 35 वर्षीय विजय बहादुर यादव पुत्र वंशराज की बीते 22 मार्च को रात में लाइनबाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया में उस समय सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी जब वह साइकिल से घर जा रहा था। पुलिस ने शिनाख्त की औपचारिकता का निर्वाह नहीं किया और शव का लावारिश में अन्तिम संस्कार कर दिया गया। विजय जब काम से बाहर निकलता था तो कई कई दिन घर नहीं लौटता था। इसके बावजूद परिजनों को चिन्ता हुई। इसी दौरान 27 मार्च का उसके बड़े भाई 40 वर्षीय श्याम लाल यादव की मुम्बई में मौत हो गयी लेकिन विजय का कहीं अता पता नहीं चला तो उसी दिन परिजन चैकिया पुलिस चैकी पर उसकी गुमशुदगी के बारे में जानकारी दिया। तब पुलिस ने विजय के जूते और कपड़े एवं हादसे के बाद खींचे गये फोटो को दिखाया तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। घर से दो किलोमीटर दूर मौत के बाद परिजनों को इस बात की जानकारी न होना उन्हे बुरी तरह से मानसिंक रूप से परेशान कर रही है। वे सदमें है कि निकट ही हादसा हुआ और पुलिस ने शिनाख्त कराने का पूरा प्रयास नहीं किया।
