आजादी के पहले ए क्लास का था केराकत स्टेशन
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जौनपुर। केराकत भारत के आजादी से पूर्व केराकत रेलवे स्टेशन को ए क्लास का रेलवे स्टेशन स्थान प्राप्त था । तब केराकत रेलवे स्टेशन पर सभी सुविधाएं प्राप्त होने के साथ ही माल गोदाम रेल इंजन के लिए पानी की बड़ी टंकी की सुविधा के साथ ही सहायक स्टेशन मास्टर समेत अन्य रेलवे स्टाफ की तैनाती और ट्रेनों के आवागमन तथा माल बुकिंग की सुविधा प्राप्त रही है । ट्रेनों के क्रॉसिंग की सुविधा भी लेकिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों केवल राजनीतिक इच्छा शक्ति की उदासीनता का परिणाम रहा कि उक्त सभी सुविधाएं धीरे-धीरे नौकर शाही ने समाप्त कर केराकत को हाल्ट स्टेशन का दर्जा दे दिया गया । केराकत भले ही तहसील मुख्यालय है लेकिन मुख्य सड़क मार्ग से केराकत का जुड़ा हुआ सीधे नहीं होने का हवाला देकर इसे प्रथम श्रेणी के रेलवे स्टेशन का दर्जा देने से पीछे हाथ खींच ले रहे हैं जबकि केराकत क्षेत्र का जनमानस उनके इस तरह को सोच और उपेक्षा को अपने गले से नीचे नहीं उतार रहा है यहां के क्षेत्र का जन मानस किसी भी कीमत पर मृत पड़े हालत में केराकत रेलवे स्टेशन को देखना स्वीकार नहीं कर सकता जबकि सूत्र बताते हैं कि अगर एक्सप्रेस ट्रेनों को इसी तरह से सभी स्टेशनों पर रोका जाएगा तो निरस्त ट्रेनों विलंब से निरस्त ट्रेनों विलंब से अपने गंतन्य कोबपहुच सकेगी तो ऐसी स्थिति में लोग स्थिति में रेलवे विभाग और सरकार को ही कोसेगा जबकि रेल मंत्री द्वारा सुझाये गये इस तरह के सुभाव को छेत्र का जनमानस कदापि स्वीकार नही करेगा क्योकि पूर्वाचल के बहुतेरे ऐसे रेलवे स्टेशन है उन्हें उक्त साडी सुविधाएं प्राप्त ही नही है बल्कि प्रत्येक एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव भी होता है फिर केराकत में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव क्यों नही है । सूत्र बताते है कि रेल राज्य मंत्री ने अगर इसे गंभीरता से लेते हुए किसने केराकत को लीगो को काफी अपेछाये है जनमानस की भावनावो का सम्मानकरते हुए केराकत को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा प्रदान करने के साथ सभी एक्सप्रेस ट्रेनों के यहां ठहराव ओर पैसेंजर ट्रेनों का फेर बढ़ाने की स्वीकृत प्रदान करने की दिशा में एतशिक कदम उठाने के कार्यकी अपेछा की गयी तो आने वाले वर्ष 2019 के लोक सभा चुनाव में यह का जन मानस अपने मतों के बल पर मुह तोड़ जबाब देने के लिए कमर कस ली है रही ।

