सफल होने के लिए निराशा त्यागेः कुलपति
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जौनपुर।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान स्थित
आर.एन. गुप्ता सभागार में बुधवार को निःशुल्क कोचिंग सुविधा का उद्घाटन
किया गया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति
प्रो.डा. राजाराम यादव ने कहा कि विद्यार्थियों में इस भागमभाग की जिंदगी
में धैर्य और आत्मविश्वास का होना जरूरी है। प्रबल आत्मविश्वास से ही विजय
मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में निराशा घातक होती
है, ऐसे में आप को अपने मन से निराशा को त्यागना पड़ेगा। शिक्षक और कोचिंग
का काम आपका मार्गदर्शन करना है लेकिन सफलता मेहनत करने वाले को ही मिलती
है । कटीले रास्तों से होकर जो लक्ष्य को प्राप्त करता है सही मायने में
उसे ही वास्तविक सुख की अनुभूति होती है। उन्होंने अपने जीवन के कई
दृष्टांत सुनाते हुए कहा कि हम जिस विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त
करने गए वह प्रशासनिक सेवा की खदान माना जाने वाला विश्वविद्यालय था, मगर
मैने उसके विपरीत प्रोफेसर बनने की ठान रखी थी। कहने का मतलब दृढ़ विश्वास
लक्ष्य के करीब पहुंचाता है। उन्होंने एक पत्रिका की प्रश्नोतरी का
उदाहरण देते हुए कहा कि सफलता और असफलता के बीच की दूरी सिर्फ तीन फीट की
होती है। इसके पूर्व सादात डिग्री कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. अपरबल राम
यादव ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह कोचिंग वरदान
साबित होगी। इससे क्षेत्र, गांव और विश्वविद्यालय का नाम रोशन होगा।
टी.डी. कालेज में हिन्दी विभाग की अध्यक्ष डा. सरोज सिंह ने कहा कि
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह कोचिंग सराहनीय कार्य है। यह
विश्वविद्यालय आईएएस और पीसीएस की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के
भविष्य के सपनों को साकार कर रही है।प्रबंध संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो.
बीडी शर्मा ने कहा कि यह कोचिंग निश्चित रूप से विद्यार्थियों की प्रतिभा
निखारने में सहायक होगी। धन्यवाद ज्ञापन कोचिंग के समन्वयक पूर्व
प्राचार्य डा. मनराज यादव ने किया और कहा कि हमारी कोशिश होगी कि कमजोर
विद्यार्थियों को मार्गदर्शन कर अंजाम तक पहुंचाया जाए। समारोह का संचालन
जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डा. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर प्रो. अजय
द्विवेदी, प्राचार्य डा. एसपी सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. राजीव कुमार,
डा. विनय वर्मा, डा. आलोक दास, डा. धर्मेंद्र सिह, अमलदार यादव, डॉ
स्वतंत्र कुमार, श्याम त्रिपाठी, आशुतोष सिंह, डॉ इन्द्रेश कुमार, श्याम
श्रीवास्तव, डा. हरिश्चन्द्र मौर्या सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे ।
