स्वच्छता दूत छुड़ायेगें खुले में शौच की आदत
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जौनपुर। स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत की परिकल्पना को साकार करने में सरकार प्रशासनिक अमले के ही सहारे नहीं रहना चाहती है। शायद यही कारण है अब वह सीधे जन सहयोग लेने का मन बना चुकी है। इसके लिए वह गांव-गांव स्वच्छता दूत खड़े करेगी। यह दूत खुले में शौच जाने वालों को शौचालय निर्माण और उसके उपयोग के लिए राजी करेंगे। जब इसमें सफल हो जाएंगे तो सरकार दूतों को 150 रुपये देकर प्रोत्साहित करेगी। खुले में शौच से मुक्त कराने को लेकर स्वच्छ भारत मिशन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत ओडीएफ की परिकल्पना साकार होते न देख सरकार ने सीधे स्थानीय लोगों का सहयोग लेने की योजना तैयार की है। इसके तहत स्वच्छता दूत तैयार किए जा रहे हैं। जो लोटा पार्टियों को समझा बुझा खुले में शौच जाने से तौबा ही नहीं कराएंगे, बल्कि उन्हें प्रेरित कर शौचालय का निर्माण कराने और उसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे। इन्हें प्रोत्साहन राशि के रुप में प्रति शौचालय निर्माण और खुले में शौच जाने से रोकने में सफल होने पर 150 रुपया दिया जाएगा। इस तरह ओडीएफ को धरातल पर अमली जामा पहनाने का एक और प्रयास सरकार ने शुरू किया है। जिले में लगभग स्वच्छता दूत तलाश किए जा रहे हैं। स्वच्छता ग्राहियों को 5 दिन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। जिसमे उन्हें खुले में शौच जाने वालों को कैसे प्रेरित कर रोकना है और शौचालय निर्माण में सहयोग करना है इसकी जानकारी दी जाएगी।

