शिक्षकों ने भीख मांगकर किया विरोध प्रदर्शन
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जौनपुर। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों ने रविवार को भी
बोर्ड कांपियों के मूल्यांकन का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया। मूल्यांकन
कार्य के दूसरे दिन वित्तविहीन शिक्षकों ने भीख मांगकर एकत्रित पैसा
मूल्यांकन केन्द्र पर कांपियां जांचने आये शिक्षकों को फूलों के साथ देकर
उन्हें वापस लौटा दिया। जिले के सभी संकलन केन्द्रों पर वित्तविहीन का एक
भी शिक्षक बोर्ड की कांपियों का मूल्यांकन नही किया।
वित्तविहीन
शिक्षकों के साथ जनपद में गठित संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा संकलन
केन्द्रों पर कांपियों का मूल्यांकन कराने के लिए आये जिला विद्यालय
निरीक्षक से कहा सुनी भी हुई। वित्तविहीन शिक्षकों ने कोठार के सामने
नारेबाजी करते हुए मूल्यांकन न करने की हिदायत देते हुए जमकर प्रदर्शन
किया। जनक कुमारी इण्टर कालेज में माध्यमिक वित्तविहीन प्रधानाचार्य महासभा
के प्रांतीय प्रधान महासचिव अखिलेश सिंह व जिला महामंत्री शरद कुमार सिंह
के नेतृत्व में शिक्षकों ने संकलन केन्द्र पर आए जिला विद्यालय निरीक्षक
उमेश शुक्ला से गमछा लेकर भीख मांगा। शिक्षक नेताओं ने पूरे मूल्यांकन
केन्द्र पर आए शिक्षकों से घूम-घूमकर भीख मांगा। सरस्वती बाल विद्या मंदिर
इण्टर कालेज पर शिक्षकों को दबाव देकर मूल्यांकन कार्य कराने के लिए पहुंचे
डीआईओएस के सामने ही शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी करना शुरू किया। वहां एक
भी वित्तविहीन शिक्षक मूल्यांकन नही किया। यही हाल शिया व जीजीआईसी में भी
था। बीएनबी इण्टर कालेज मड़ियाहूं में उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं ने मूल्यांकन
कार्य कराना चाहा। वहां भी शिक्षकों ने जिलाध्यक्ष श्रधेय गुप्त के नेतृत्व
में पूर्ण रूप से बहिष्कार किया। शिया इण्टर कालेज में जिलाध्यक्ष मंगरू
राम मौर्या व जीजीआईसी में जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र के नेतृत्व में
वित्तविहीन शिक्षकों ने न तो मूल्यांकन किया और न ही करने दिया। शिया इण्टर
कालेज में आयोजित बैठक में प्रांतीय प्रधान महासचिव अखिलेश सिंह ने कहा
बिना संघर्ष के मानदेय नही मिलने वाला है। वित्तविहीन शिक्षक तब तक
कांपियों का मूल्यांकन नही करेंगे, जब तक सरकार उनकी मांगों को मान न ले।
प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष छोटेलाल यादव ने कहा कि आगे की लड़ाई में प्रशासनिक
अधिकारी मूल्यांकन कराने के लिए दबाव बनायेंगे, लेकिन हम उनके कोरी धमकियों
से डरने वाले नही है।
बैठक में प्रकाश चंद पाल,
अमित दूबे, सुनील कुमारी शुक्ला, डा. पंकज सिंह, श्यामधर मिश्रा, विवेकानंद
मिश्र, नन्हकऊ गुप्ता, देवानन्द पटेल, डा. रमेश वर्मा, मनोज पटेल, अंकुर
द्विवेदी, रोहित दूबे, दिलीप सिंह, अजय गुप्ता, जितेंद्र यादव, जय प्रकाश
यादव सहित भारी संख्या में प्रधानाचार्य व शिक्षक मौजूद रहे।
वित्तविहीन शिक्षकों की ये है प्रमुख मांगे...
मूल्यांकन
बहिष्कार कर रहे वित्तविहीन शिक्षकों की यह मांग है कि वित्तविहीन
शिक्षकों की सेवा सुरक्षा युक्त सेवा नियमावली बनाई जाए, साथ ही कोषागार से
उनके खाते में सम्मानजनक मानदेय दी जाय। पिछले एक साल से रुका हुआ
मूल्यांकन पारिश्रमिक अविलम्ब उनके खातों में भेजा जाए। मान्यता प्राप्त
विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सम्मान जनक
कार्य के लिए समान बेतन या सम्मान जनक मानदेय। वित्तविहीन शिक्षकों के
अनुभव को माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग में मान्य किया जाय। बोर्ड परीक्षा
मूल्यांकन के पारिश्रमिक में बृद्धि की जाय

