परमात्मा तर्क की विषयवस्तु नहीं हैः कथा वाचक
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जौनपुर।
भक्त शिरोमणि अंजनीनन्दन हनुमान जी जब भी राम काज के लिये निकले, अपने
प्रभु श्रीराम को हृदय से याद किये। चाहे समुद्र पार जाकर सीता जी की खोज
हो या लक्ष्मण शक्ति लगने पर हिमालय से संजीवनी बूटी लाना हो या लंका से
वापस आकर भरत जी को राम के आने की सूचना देना हो। उक्त विचार जौनपुर मानस
प्रचारणी सभा के बैनर तले नगर पालिका परिषद के टाउन हाल के मैदान पर चल रहे
मानस सम्मेलन के चौथे दिन मानस मधुप डा. आरपी ओझा ने व्यक्त किया। इसी
क्रम में प्रथम व्यास राजाराम त्रिपाठी, उन्नाव से आये शिवशंकर मिश्र, मानस
दिनकर दिनेश मिश्र सहित अन्य कथा वाचक ने गुरू-शिष्य, अच्छे कार्य, मानस
चौपाई पर प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि परमात्मा तर्क की विषयवस्तु नहीं है।
कथा के अन्त में आरती के साथ प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर डा.
रजनीकान्त द्विवेदी, सुरेन्द्र कन्नौजिया, ओम जी सहाय, रमेश जायसवाल, सत्य
प्रकाश गुप्त, कृष्णा जायसवाल, मंगला प्रसाद, चन्द्रपाल सिंह, शिवकुमार
साहू, भाष्करानन्द द्विवेदी, शिवानन्द मिश्र सहित मानस प्रचारणी सभा के
तमाम पदाधिकारी, सदस्य आदि उपस्थित रहे।

