कलाकारों, कवियों, गायकों ने ऐसी समा बाँधी कि श्रोताओं की तालियों से गूँजता रहा किला
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जौनपुर। ऐतिहासिक शाही किले में 16 से 18 मार्च
तक चलने वाले जौनपुर महोत्सव का दूसरे दिन उत्साहपूर्ण रहा। महोत्सव के
दूसरे दिन आल्हा सम्राट फौजदार सिंह जौनपुरी के आल्हा कार्यक्रम से शुरु
हुआ। उन्होंने श्रृंगार रस, वीर रस व वीभत्व रस का कार्यक्रम प्रस्तुत कर
सभी दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद राजस्थान लोकगीत एकेडमी द्वारा गणेश
वन्दना, भवई नृत्य, निमूड़ा-2 गीत, कालवेलिया नृत्य, चारी नृत्य, झूमर
नृत्य, मयूर नृत्य आदि की शानदार प्रस्तुति की गयी जिसे दर्शकों ने तालियों
की गड़गडाहट से खूब सराहा। यह प्रस्तुति संस्कार भारती जौनपुर के कलाकारों
एवं बूदॅंू खां लंगा की टीम ने प्रस्तुति दी। रात्रि में कवि सम्मेलन व
मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसमें मंच पर उपस्थित कलाकारों, कवियों,
गायकों ने ऐसी समा बाँधी कि श्रोता व दर्शकों की तालियों से पूरा किला
क्षेत्र काफी देर तक गूँजता रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिलाधिकारी
अरविंद मलप्पा बंगारी व पुलिस अधीक्षक के.के. चैधरी की गरिमामयी उपस्थिति
ने पूरे कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिया। इस रंगारंग कार्यक्रम में
राजस्थानी लोकगीत ‘‘छाप तिलक‘‘ पर श्रोता देर तक झूमते रहे। वहीं दूर दराज
से आये कवियों ने देर रात तक श्रोताओं को तालियाँ बजाने पर मजबूर किया। कवि
सम्मेलन में शबीना अदीब कानपुर, प्रताप सिंह फौजदार, रूची चतुर्वेदी आगरा,
प्रखर जी जौनपुर, बुद्धि सेन शर्मा इलाहाबाद, बलराम श्रीवास्तव ने एक से
बढ़ कर एक हास्य कविताओं पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। कवि
सम्मेलन का संचालन करते हुए लखनऊ से पधारे कवि सर्वेश सक्सेना ने श्रोताओं
को खूब हसाया। कार्यक्रम का शुभारंभ सबीना अदीब कानपुर ने मातृ वंदना ‘‘माँ
शारदे वरदान दे.....‘‘किया वही कवि अभय सिंह ‘‘निर्भीक ‘‘ने देश प्रेम से
ओतप्रोत वीर रस की रचना सुना कर श्रोताओं को तालियाँ बजाने के साथ-साथ देश
की वर्तमान व्यवस्था पर चिंतन करने पर विवश किया। प्रताप सिंह फौजदार ने भी
अपनी रचना से श्रोताओ को खूब गुदगुदायां। इस अवसर पर जिला जज अजय त्यागी,
लोकेश वरुण, पूर्व चेयरमैन नगर पालिका दिनेश टण्डन, एडीएम सदर प्रियंका
प्रियदर्शनी, नगर मजिस्टेªट इन्द्र भूषण वर्मा, तहसीलदार सदर आशाराम वर्मा
सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

