निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का विरोध प्रदर्शन जारी
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जौनपुर।
उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति लखनऊ के आह्वान पर
निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति जौनपुर ने
निर्धारित समय 2 से 5 बजे तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन
की अध्यक्षता इ. एके मिश्रा अधीक्षण अभियन्ता ने किया जहां कर्मचारी नेता
निखिलेश सिंह, इं. राम अधार, इं. प्रदीप कुमार, चन्द्रशेखर उपाध्याय, इं.
निर्भीक, इं. विकास यादव, इं. अभिषेक केसरवानी, इं. निर्भीक भारती, असगर
मेंहदी, संजय यादव सहित अन्य वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार को चेतावनी दी
कि बगैर किसी शर्त के निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लिया जाय, अन्यथा आगामी
27 अप्रैल को पूर्ण रूप से कार्य बाहिष्कार होगा। साथ ही 26 अप्रैल तक
अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यदि प्रदेश
सरकार द्वारा निजीकरण का आदेश वापस नहीं लिया जाता है तो उसके बाद हम
हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। इसी क्रम में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों
ने ऊर्जा विभाग एवं पावर कारपोरेशन के प्रबन्धन के आला अधिकारियों पर बिजली
सुधार के मामले में प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ को गुमराह करने
का आरोप लगाया है। लोगों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार एक साल की अवधि
पूरी होने पर उपलब्धियों का जश्न मना रही है जिसमें बिजली के क्षेत्र में
सुधार की उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं। धरने का संचालन निखिलेश सिंह संयोजक
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति जौनपुर ने किया। इस अवसर पर इं.
बीबी सिंह, इं. आरके कुशवाहा, इं. संजय गुप्ता, इं. आलोक उपाध्याय, इं.
मनीजर प्रसाद, इं. शिवशंकर, इं. राजकुमार, इं. आतिश यादव, अश्वनी
श्रीवास्तव, हेमन्त श्रीवास्तव, अभिनन्दन सिंह, शैलेन्द्र, विकास,
जितेन्द्र कुमार, पुष्कर श्रीवास्तव, प्रदीप राय, विजय सिंह, सुल्तान, अमित
खरे, गिरीश यादव, विनोद यादव, संजय बाल्मिकी, प्रदीप श्रीवास्तव, इं.
संतोष यादव, इ. सुनील सिंह, इं. भानु प्रताप सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

