सैनिकों की स्मृति में बना शहीद स्मारक अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहाः अजीत पाण्डेय
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जौनपुर।
देश की सीमा पर अपने जान की बाजी लगाकर देशवासियों की रक्षा करने वाले वीर
शहीद सैनिकों की स्मृति में बना वीर शहीद स्मारक इस समय अपनी बदहाली पर
आंसू बहा रहा है। जिले के एक कर्तव्यनिष्ठ मुखिया द्वारा बनवाये गये शहीद
स्मारक को जिले के ही एक मुखिया द्वारा ध्वस्त करा दिया गया है। लिखित
शिकायत करने के बाद आज दो वर्ष बीतने के बावजूद भी स्मारक को नहीं बनवाया
गया है जहां अब लोग अपने वाहन खड़े करने के साथ ही वहां मलमूत्र भी कर रहे
हैं। उक्त बातें अवकाशप्राप्त कैप्टन अजीत कुमार पाण्डेय ने बुधवार को
पत्रकारों से हुई एक भेंट के दौरान कही।
उन्होंने
बताया कि वीर शहीद सैनिकों की स्मृति में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय
सिविल लाइंस के प्रवेश द्वार पर तत्कालीन जिलाधिकारी राजन शुक्ल ने
श्रद्धांजलि देने के लिये शहीद स्मारक का निर्माण करवाया था जहां गणतंत्र
दिवस, स्वतंत्रता दिवस, विजय दिवस, कारगिल दिवस सहित अन्य अवसरों पर
सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों सहित जिले के अधिकारियों द्वारा श्रद्धांजलि
अर्पित किया जाता था। हद तो तब हो गयी जब तत्कालीन जिलाधिकारी भानु चन्द्र
गोस्वामी व नगर पालिका परिषद जौनपुर के अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ल ने उक्त
स्मारक को तोड़वा दिया। ऐसे में अब केवल दीवार पर उकेरा हुआ शिलापट्ट ही
शेष बचा है।
श्री
पाण्डेय ने बताया कि अक्टूबर 2016 व फरवरी 2017 में उन्होंने समस्त
भूतपूर्व सैनिकों की तरफ से नगर पालिका व जिला प्रशासन से मांग किया था कि
उक्त शहीद स्मारक का निर्माण करवाया जाय। वहीं इस बाबत पूछे जाने पर सैनिक
कल्याण बोर्ड के तत्कालीन अधिकारी कर्नल ओपी चौबे ने बताया था कि स्मारक को
तोड़ने के लिये जिला प्रशासन ने उनसे कोई अनुमति नहीं ली थी। फिलहाल स्मारक
कब बनेगा, यह प्रशासन ही जाने। ऐसे में तत्कालीन जिलाधिकारी श्री गोस्वामी
व तत्कालीन अधिशासी अधिकारी श्री शुक्ल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि
स्मारक नाली के पास बनी थी एवं नीचा होने से वहां पानी भर जाता था। ऐसे
में सड़क के चौड़ीकरण में उक्त स्मारक को तोड़ा गया जो किसी सार्वजनिक स्थल पर
सुन्दर व भव्य बनवाया जायेगा।
अवकाशप्राप्त
कैप्टन श्री पाण्डेय ने बताया कि आज दो वर्ष बीत गये और दोनों अधिकारी भी
जौनपुर से चले गये लेकिन आज तक न किसी सार्वजनिक स्थल पर शहीद स्मारक
बनवाया गया और न ही तोड़े गये स्मारक को ही बनवाया गया। ऐसे में शहीद स्मारक
अपने उचित स्थान व सम्मान की बांट जोह रहा है। श्री पाण्डेय ने बताया कि
आज स्मारक के सामने लोग अपने वाहन खड़े कर दे रहे हैं। इतना ही नहीं,
अगल-बगल के दुकानदार गंदगी फैलाने के साथ स्थानीय लोग व राहगीर मलमूत्र भी
कर दे रहे हैं। कुल मिलाकर नगर पालिका व जिला प्रशासन देश की सीमा पर जान
गंवाने वाले सैनिकों की स्मृति में बने वीर शहीद स्मारक के मान-सम्मान के
साथ मजाक कर रहा है जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।
अन्त
में श्री पाण्डेय ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर नगर पालिका व
जिला प्रशासन से मांग किया कि इस विजय दिवस के उपलक्ष्य में बदहाली की आंसू
बहा रहे उक्त शहीद स्मारक को शीघ्र ही बनवाया जाय, ताकि जिला मुख्यालय
सहित समस्त जनपदवासियों की तरफ वीर शहीदों के लिये यह सच्ची श्रद्धांजलि
होगी।

