हत्यारोपी देवरानी को आजीवन कारावास
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जौनपुर। बरसठी थाना क्षेत्र के पाली गांव में पट्टीदारी की रंजिश को लेकर सुमन देवी को जलाकर उसकी हत्या करने की आरोपी चचेरी देवरानी को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय मनोज कुमार तृतीय ने आजीवन कारावास व पांच हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अभियोजन कथानक के अनुसार अखिलेश निवासी गोधना मीरगंज ने धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट के आदेश पर थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बहन सुमन की शादी 2002 में राधेश्याम से हुई थी। वह रोजगार के सिलसिले में मुंबई रहता था। सुमन अपनी बेटियों के साथ घर पर रहती थी। उसकी जेठानी सजावती उससे पट्टीदारी की रंजिश रखती थी। 13 मार्च 2013 को सुबह 4 बजे सजावती एवं सुमन की चचेरी देवरानी जय देवी उर्फ अखिलेश सुमन को घर में आकर भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे तथा उसे मारते हुए उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर जला दिया। घर के लोग आग बुझाए। इलाज के दौरान 18 मार्च 2013 को स्वरूप रानी हॉस्पिटल में इलाहाबाद में सुमन की मृत्यु हो गई। उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए मृत्यु पूर्व बयान में अखिलेश उर्फ जय देवी द्वारा मिट्टी का तेल छिड़ककर जलाना बताया था। एडीजीसी जवाहर लाल यादव व ज्ञानेंद्र यादव ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट में गवाह घटना से मुकर गए तथा बयान दिया कि सुमन की लापरवाही से डिबरी उसके ऊपर गिर गई और वह जल गई। अभियुक्त जय देवी ने भी यही बचाव लिया और कहा कि जलती हुई सुमन की आग बुझाया और उसे अस्पताल पहुंचाया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी जयदेवी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

