भक्त यश, अपयश की परवाह नहीं करते
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जौनपुर। प्रेम, नम्रता, सहनशीलता, विशालता, सहजता, सब्र-संतोष एवं निर्लेप अवस्था ही भक्त की पहचान है। जो इन दिव्य गुणों से युक्त रहते है वे भक्ति में ऊँचा दर्जा प्राप्त कर लेते है। उक्त उद्गार मोलनापुर स्थित जनहित इण्टर कालेज के प्रांगण में जितेन्द्र कुमार ने व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा कि भक्त यश, अपयश की परवाह नहीं करते बल्कि गुरूमत को परिपक्व रखते है। भक्त की यही प्रार्थना होती है कि मन रूपी चुनरिया पर भक्ति का नाम रंग चढ़ा रहे। भक्त सदैव निराकार प्रभु को ही जीवन का आधार मानते है। कमल की भाति निर्लेप अवस्था धारण किये रहते है। भक्तों ने अपने विश्वास को मजबूत रखा है। चाहे कैसी भी विपरीत परिस्थितिया रही हो। अनुकूल परिस्थितिया हर किसी के लिए नहीं रही। लेकिन भक्तों ने सहजता सदैव कायम रही है। श्यामलाल साहू, राजबहादुर यादव जिला पंचायत अध्यक्ष, राधेश्याम द्विवेदी यादव, राजकुमार मिश्रा, श्री जयराम पाल इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

