डाक्टर नहीं समझते गरीब मरीजों का दर्द
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जौनपुर । केंद्र और राज्य सरकार भले ही गरीब मरीजों के उपचार के लिए कई तरह की योजनाएं लागू कर रही है। काफी हद तक उसका लाभ भी मिल रहा है कितु जिला अस्पताल में धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टर ही गरीब मरीज के दर्द को नहीं समझते। यहां हर दिन डाक्टरों की लापरवाही और तानाशाही के किस्से मिलते रहते हैं। अस्पताल की व्यवस्था को ठीक करने के लिए रहनुमाओं से लेकर उच्च अधिकारियों तक ने कई तरह के प्लान तैयार किए कितु हालत जस के तस ही रहे। कभी बाहर की दवा लिखने के नाम पर यहां बवाल होता है तो कभी मरीज का उचित उपचार नहीं करने पर हंगामा खड़ा हो जाता है। दर्द से कराहते मरीज छटपटाते रहते हैं। मरीज के साथ आए तीमारदार दौड़ कर डाक्टर के पास जाते हैं। मरीज की हालत बिगड़ने की सूचना देने के साथ डाक्टर से अच्छे तरीके से उपचार करने की गुहार लगाते हैं कितु उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं होता। ऐसे एक नहीं कई केस हैं। कुल मिलाकर यहां भी यदि ठीक ढंग से उपचार कराना है तो मरीज को किसी रहनुमा की पैरवी जुटानी पड़ेगी। यदि यह नहीं है तो उस मरीज की फजीहत के ही किस्से मिलते हैं। यहां हर दिन लगभग 1300 मरीज विभिन्न रोगों का उपचार कराने पहुंचते हैं।

