शौचालय का निर्माण न कराने पर भड़के डीएम, दो सचिवो का रोका वेतन
https://www.shirazehind.com/2018/09/blog-post_431.html
जौनपुर। शौचालय निर्माण को लेकर अधिकारी दिन-रात एक कर दिए हैं।
जिलाधिकारी ने मछलीशहर ब्लाक में शुक्रवार की रात
समीक्षा किया। उधर उपायुक्त श्रम रोजगार कमलेश कुमार सोनी ने जलालपुर ब्लाक
में समीक्षा किया। जहां 32 लाख 70 हजार खाते में होने के बाद भी संबंधित
गांवों के लाभार्थियों को शौचालय निर्माण की धनराशि न भेजने की बात सामने
आई। इस पर दो ग्राम सचिवों का वेतन रोकने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही
की संस्तुति जिलाधिकारी से किया।
जिलाधिकारी ने मछलीशहर विकास खंड में बैठक किया। मुंगराबादशाहपुर और मछलीशहर ब्लाक के कर्मचारियों से ओडीएफ की प्रगति जानी। उन्होंने हर हाल में लक्ष्य को पूरा करने की हिदायत दिया। साथ ही चेतावनी दिया कि यदि शासन द्वारा शौचालय निर्माण के लिए आवंटित संपूर्ण धनराशि का उपयोग समय से नहीं किया गया और निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उधर उपायुक्त श्रम रोजगार ने जलालपुर ब्लाक में समीक्षा किया। इस दौरान पाया कि ग्राम विकास अधिकारी राम भरत राम ने लोहगाजर में 18 लाख रुपये के सापेक्ष दस लाख, कुसिया में 18 लाख के सापेक्ष छह लाख, औवार में दो लाख 64 हजार के सापेक्ष 74 हजार, बीबनमऊ में 11 लाख 64 हजार के सापेक्ष सात लाख 75 हजार रुपये और ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार ने चवरी में नौ लाख 12 हजार के सापेक्ष आठ लाख 21 हजार रुपये अवशेष होने के बाद भी संबंधित लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि नहीं भेजा गया। इस संबंध में दोनों से जानकारी हासिल की गई, जो संतोषजनक नहीं रही। इसके चलते दोनों सचिवों के वेतन रोकने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए डीएम से संस्तुति किया।
जिलाधिकारी ने मछलीशहर विकास खंड में बैठक किया। मुंगराबादशाहपुर और मछलीशहर ब्लाक के कर्मचारियों से ओडीएफ की प्रगति जानी। उन्होंने हर हाल में लक्ष्य को पूरा करने की हिदायत दिया। साथ ही चेतावनी दिया कि यदि शासन द्वारा शौचालय निर्माण के लिए आवंटित संपूर्ण धनराशि का उपयोग समय से नहीं किया गया और निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उधर उपायुक्त श्रम रोजगार ने जलालपुर ब्लाक में समीक्षा किया। इस दौरान पाया कि ग्राम विकास अधिकारी राम भरत राम ने लोहगाजर में 18 लाख रुपये के सापेक्ष दस लाख, कुसिया में 18 लाख के सापेक्ष छह लाख, औवार में दो लाख 64 हजार के सापेक्ष 74 हजार, बीबनमऊ में 11 लाख 64 हजार के सापेक्ष सात लाख 75 हजार रुपये और ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार ने चवरी में नौ लाख 12 हजार के सापेक्ष आठ लाख 21 हजार रुपये अवशेष होने के बाद भी संबंधित लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि नहीं भेजा गया। इस संबंध में दोनों से जानकारी हासिल की गई, जो संतोषजनक नहीं रही। इसके चलते दोनों सचिवों के वेतन रोकने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए डीएम से संस्तुति किया।

